logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Maharashtra

अन्य समाज के आरक्षण में दखल दिए बिना मराठा समाज को मिलेगा आरक्षण: एकनाथ शिंदे


मुंबई: आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में सह्याद्री गेस्ट हाउस में मराठा आरक्षण को लेकर सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक सभी पक्षों के कुल ३२ नेता शामिल थे। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने बताया कि मराठा आरक्षण मिलना चाहिए इस पर सभी पक्ष एकमत हैं.

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जानकारी दी कि बिना किसी अन्य समाज के आरक्षण में दखल दिए बिना मराठा समाज को आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि हम नियम के अनुसार टिकने वाला आरक्षण देने के लिए कार्य कर रहे हैं. इस बात पर भी सभी पक्ष राजी हैं.

इस दौरान शिंदे ने यह भी कहा कि राज्य में जो हंगमाने हुए उसपर सभी नाराज हैं. ऐसी घटनाएं होने से इस आंदोलन पर दाग लग गया है. आंदोलन हिंसात्मक हो गया इससे सब में नराजगी है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

शिंदे ने कहा, “इससे पूर्व देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहने लके दौरान जब आरक्षण सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द हुआ था उन त्रुटियों को ठीक करने का कार्य शुरू है. हम मराठा समाज को टिकने वाला आरक्षण प्रदान करेंगे। इसके लिए जो अवधि की आवश्यकता है तब तक समाज को हमें साथ देना होगा।” 

मुख्यमंत्री ने मनोज जरांगे पाटिल से अपील की कि वह इस प्रक्रिय में साथ सरकार का साथ दें. मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज जैसा चाहेगा सरकार वो करेगी। लेकिन जरांगे पाटिल से विनंती है कि वह भूख हड़ताल वापिस लें. 

मुख्यमंत्री ने कहा, “अंदोलन के हिंसक होने से सामान्य लोगों के मन में डर है.” उन्होंने समूर्ण मराठा समाज से शांति बनाए रखने की अपील की.