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पृथक विदर्भ के लिए रास्ता रोको आंदोलन, संविधान चौक पर किया गया आंदोलन


नागपुर: स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने पिछले छह दिनों से नागपुर के संविधान चौक पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है. सोमवार को आंदोलन ख़त्म हो गया और इस मौके पर हुई बैठक के बाद विदर्भ कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और कॉन्स्टिट्यूशन स्क्वायर पर विरोध प्रदर्शन किया. इसके चलते नागपुर शहर में करीब 40 मिनट तक यातायात व्यवस्था बाधित रही.

पूर्व विधायक एडवोकेट वामन चटप के नेतृत्व में विदर्भ राज्य की मांग को लेकर 27 दिसंबर 2023 से उपशोण आंदोलन शुरू किया गया था. सोमवार शाम को धरना ख़त्म हो गया. इस अवसर पर विदर्भ के विभिन्न जिलों से आये कार्यकर्ता उपस्थित थे.

केंद्र सरकार ने भूख हड़ताल पर ध्यान नहीं दिया. इससे आंदोलनकारी नाराज हो गये. सभा के दौरान वक्ताओं ने विदर्भ के साथ हो रहे अन्याय के बारे में पढ़ते हुए कहा कि महाराष्ट्र में रहकर विदर्भ का पिछड़ापन दूर नहीं होगा. साथ ही यहां की अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में भी कोई सरकार बैकलॉग नहीं भर सकती.

विदर्भ वन संसाधनों, खनिज संपदा, उपजाऊ भूमि और बिजली उत्पादन में समृद्ध है। लेकिन, विदर्भ में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है और इस वजह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं. विदर्भ का विकास करने में शासक विफल रहे हैं. स्थिति में और कोई बदलाव संभव नहीं है. सलाह. वामन ने तीखे स्वर में कहा.

नेताओं के भाषण के बाद प्रदर्शनकारी सड़कों पर आ गए और विरोध प्रदर्शन किया. इसके चलते करीब 40 मिनट तक यातायात रुका रहा। इस इलाके में गाड़ियों की बड़ी-बड़ी कतारें लगी हुई थीं. पुलिस ने वामनराव चटप और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. इसके बाद यातायात सामान्य हो सका। भूख हड़ताल में अरुण केदार, प्रकाश पोहरे, रंजना मामुर्डे समेत 14 विदर्भ कार्यकर्ता शामिल हुए.

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