logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

महाविकास आघाड़ी को मिलेगा नेता प्रतिपक्ष का पद? अजीत पवार ने दिया सीधा जवाब


सतारा: विधानसभा चुनाव में महायुति को प्रचंड जीत मिली है, वहीं महाविकास आघाड़ी को सबसे बड़ी हार। एक तरफ जहां सरकार बनाने का दावा करने वाली आघाड़ी मात्र 46 सीट ही जीत पाई। हालत ऐसे हो गए हैं कि, अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ही नहीं रहेगा। वहीं सदन में प्रतिपक्ष का पद को लेकर अजीत पवार ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। पवार ने कहा कि, विपक्षी गठबंधन के किसी भी दल ने तय सीट नहीं पाएं हैं, इस कारण पद देने का कोई सवाल ही नहीं।"

पूर्व मुख्यमंत्री यशवंत राव चौहान की पुण्यतिथि के मौके पर पवार सतारा जिले के कराड पहुंचे थे। जहां पत्रकारों से बात करते हुए विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उनसे नेता प्रतिपक्ष को लेकर सवाल किया गया। स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए क्या सत्तापक्ष बड़ा दिल दिखाते हुए विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी को नेता प्रतिपक्ष का पद देगा। जिसपर जवाब देते हुए पवार ने कहा कि, "विपक्ष के लिए 29 सीट जरूरी है। लोकसभा में जब किसी दल को तय सीट नहीं मिली थीं तो पद नहीं मिला था। यहां भी किसी दल को उतनी सीटें नहीं मिली है जितनी होनी चाहिए इसलिए यहां भी मुख्य विपक्षी पद देने का सवाल ही नहीं उठता।"