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Nagpur

Nagpur: बजरंग दल के आठ कार्यकर्ताओं ने किया आत्मसमर्पण, कोतवाली पुलिस ने अदालत में किया पेश; मिली जमानत


नागपुर: छत्रपति संभाजी नगर से औरंगज़ेब की कब्र (Aurangzeb's Tomb) को हटाने के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप मामले में विश्व हिन्दू परिषद् (Vishwa Hindu Parishad) के आठ कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी कार्यकर्ताओं ने बुधवार दोपहर को कोतवाली पुलिस (Nagpur Kotwali Police Station) के सामने आत्मसमर्पण किया। जहां पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया। गिरफ़्तारी के बाद अदालत ने सभी को जिला सत्र न्यायालय (Nagpur Session Court) में पेश किया गया। जहां अदालत ने सभी को जमानत दे दी।

ज्ञात हो कि, महाराष्ट्र पुलिस ने नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के पदाधिकारियों के खिलाफ छत्रपति संभाजीनगर में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग के किये विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान औरंगज़ेब की कब्र का प्रतीकात्मक पुतला भी जलाया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने वीएचपी कार्यकर्ताओं पर एक धर्म विशेष के धार्मिक कपडे को जलने का आरोप लगाया। जिसको लेकर उस धर्म को मानाने वाले लोगों ने गणेशपेठ थाने के बाहर प्रदर्शन किया था और मामला दर्ज करने की की थी। जिसके बाद सभी के खिलाफ पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के तहत मामला दर्ज किया था। हालांकि, इसके बाद नागपुर में इसको लेकर हिंसा हो गई थी। उपद्रवियों ने महल सहित हंसपुरी आगजनी और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया था। इस दौरान की वाहनों को आग के हवाले भी कर दिया गया था।

शांति बनी रहे इसलिए किया आत्मसमर्पण

विश्व हिन्दू परिषद् के पदाधिकरियों के अधिवक्ता संजय बालपांडे ने कहा कि, "लोगों में यह धारणा थी कि पुलिस एक तरफा कार्रवाई कर रही है और मामले में शामिल आरोपियो को गिरफ्तार करने में पुलिस ढिलाई बरत रही है। स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे, और जो गलत धारणा बन रही थी वह टूटे इसके लिए आरोपियों ने आत्मसमर्पण किया। जहां अब सभी को अदालत में पेश किया जाएगा।" बालपांडे ने आगे कहा कि, "सभी ने अनुमति लेकर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में हिंसा भड़क गई। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और अदालत में पेश किया जा रहा है।"