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नाशिक और संभाजीनगर की घटना सरकार द्वारा प्रायोजित, वडेट्टीवार बोले-हार की डर से राज्य में दंगे कराने का प्रयास


नागपुर: नाशिक और संभाजीनगर में जो घटनाएं हुईं हैं वह सरकार द्वारा प्रायोजित है। तमाम सर्वे में महायुति की सरकार जाते हुए दिखाई दे रही है। जिसको देखते सरकार राज्य में दंगे कराकर समाज को बांटना चाहती है और चुनाव में फायदा लेना चाहती है। हालांकि, जनता इस जातिवादी सरकार का सब कुछ समझ चुकी है। आगमी चुनाव में इस सरकार की हार निश्चित है। गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने यह बात कही। 

ज्ञात हो कि, बांग्लादेश में हुई हिंसा को लेकर संत रामगिरी ने एक धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी। बयान के विरोध में नाशिक सहित संभाजीनगर में प्रदर्शन किया गया। देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसा में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने खूब तांडव मचाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की।

कांग्रेस नेता ने संत रामगिरी को सरकार का पिट्ठू बताते हुए कहा कि, संत समाज के लिए समर्पित होता है, लेकिन ये दो समाज के बीच लड़ाई कराने वाले संत है। भाजपा की चमचा गिरी करने वाला संत है।" मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बयान पर हमला बोलते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री को भी सोच कर बोलना चाहिए। सत्ता जाने के डर से राज्य में दंगे कराने की स्थिती उत्पन्न कराने का प्रयास है क्या? इसका जवाब देना चाहिए।"

कांग्रेस नेता ने कहा, "नाशिक में हुई हिंसा सरकार द्वारा प्रायोजित है। समाज में मतभेद पैदा कर सत्ता पाने का एक प्रयास है। जितने भी सर्वे आए हैं उसमें महायुति सरकार जा रही है  जिसको देखते हुऐ यह सब किया जा रहा है।"