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Yavatmal

Yavatmal: हाईमास्ट, एलईडी लाइट कार्य में एक करोड़ 78 लाख रुपए की हेराफेरी, विधायक मांगुलकर ने विधानसभा में उठाया प्रश्न


यवतमाल: यहां नगर परिषद का संचालन पिछले कुछ वर्षों से विवाद का विषय रहा है। इस बीच, यवतमाल के कांग्रेस विधायक बालासाहेब मांगुलकर ने विधानसभा में आरोप लगाया कि नगर परिषद ने हाईमास्ट और एलईडी काम में 1 करोड़ 78 लाख 90 हजार 564 रुपये की हेराफेरी की है। उन्होंने विधानसभा में मांग की है कि इस मामले में इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

यवतमाल नगर परिषद ने शहर में हाईमास्ट और एलईडी लाइट लगाने के लिए 3 करोड़ 14 लाख 7 हजार 764 रुपए की टेंडर प्रक्रिया आयोजित की। इस बीच, बोली लगाने वाले कई आपूर्तिकर्ताओं को दरकिनार करते हुए, एक ऐसी फर्म को ठेका दे दिया गया, जिसके पास कोई कार्य अनुभव नहीं था। विधायक मांगुलकर ने आरोप लगाया है कि संबंधित इंजीनियर और आपूर्तिकर्ता ने मिलीभगत कर इस काम में 1 करोड़ 78 लाख 90 हजार 564 रुपए की हेराफेरी की है। 

विधान सभा का मानसून सत्र चल रहा है। इसी सत्र में प्रश्नोत्तर काल के दौरान विधायक मांगुलकर ने भ्रष्टाचार का यह मुद्दा उठाया। इससे नगर परिषद हलकों में काफी हलचल मच गई है। दलित बस्तियों और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में भी विभिन्न कार्यों में अनियमितताएं सामने आई हैं। नगर परिषद सफाई कर्मचारियों के ईपीएफ की उपेक्षा कर रही है। सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी से भी कम भुगतान करके उनका शोषण किया जाता है। इसलिए विधानसभा में मांग की गई कि इसकी जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पीडब्ल्यूडी का मंजूरी के बिना काम 

यवतमाल शहर में 3.14 करोड़ रुपए की लागत से 42 हाईमास्ट लगाने तथा अन्य क्षेत्रों में 9.98 लाख रुपए की लागत से एलईडी लाइटिंग लगाने के लिए निविदा को अंतिम रूप देने से पहले लोक निर्माण विभाग के अधिकारी की मंजूरी नहीं ली गई। विधान सभा में नगर अभियंता और ठेकेदार पर बहुत ही घटिया गुणवत्ता का कार्य करके अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया। उन्होंने 40 सोलर हाईमास्ट के कार्य में 1 करोड़ 78 लाख 20 हजार 564 रुपए के भ्रष्टाचार की जांच की मांग की।