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Maharashtra

बेमौसम बारिश पर विपक्ष ने सदन में किया हंगामा, भड़के मुख्यमंत्री शिंदे ने पूछा- केवल राजनीति करने आये क्या?


मुंबई: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, शायद ही कभी किसी ने उन्हें गुस्सा होते हुए देखा है। लेकिन गुरुवार को सभी ने मुख्यमंत्री को गुस्सा होते हुए देख लिया। यही नहीं उन्होंने विपक्षी विधायकों भड़कते हुए पूछा क्या कि, वे सदन के अंदर केवल राजनीति करना चाहते हैं, उन्हें किसानों (Farmer) को पैसे मिले सहायता मिले ऐसा नहीं चाहते हैं क्या?

क्या है मामला?

विदर्भ सहित राज्य भर में हुई बेमौसम बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसी को लेकर विपक्षी विधायकों ने सरकार से किसानों को राहत देने की मांग की। जिस पर सरकार ने पंचनामा करने का आदेश अधिकारियों को दिया है। इसी के साथ विपक्षी विधायकों ने राज्य के आदेश के बावजूद प्याज और चने की खरीदी शुरू नहीं होने को लेकर सदन में हंगामा किया।

विपक्षियों के नारेबाजी में भड़के मुख्यमंत्री

विपक्ष के नारेबाजों पर जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री शिंदे सदन में खड़े हुए। इस दौरान उन्होंने बताया कि, "पिछले दिनों जो बारिश हुई उसके नुक्सान का पंचनामा करने का आदेश जिलाधिकारियों को दे दिया गया है। जितना नुकसान हुआ है उसमे कुछ का पंचनामा हो गया है और कई जगहों पर होने वाला है। जल्द वो भी हो जाएंगे। सरकार हो या विपक्ष कोई भी किसानो को ऐसे नहीं छोड़ेंगे। हम उनके साथ खड़े हुए हैं।"

मुख्यमंत्री के दिए बयान के बावजूद विपक्षी विधायक नारेबाजी रोकने को तैयार नहीं थे। वह लगातार सदन के अंदर चिल्लाते रहे. विधायकों के इस हंगामे में मुख्यमंत्री भड़क गए उन्होंने नेता प्रतिपक्ष अजित पवार से सवाल करते हुए पूछा कि, क्या आप किसानों को न्याय दिलाना चाहते हैं या केवल राजनीति करना चाहते हैं। सरकार किसानो के साथ मजबूती के साथ खड़ी है, विपक्ष की मांग के अनुसार हमने तुरंत हुए नुक्सान का पंचनामा करने का आदेश दे दिया है। इसके बावजूद विपक्ष का हंगामे करने का मकसद केवल राजनीति से प्रेरित है।"