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Chandrapur

चंद्रपुर महापालिका में बदलते सियासी समीकरण, मुनगंटीवार समर्थक महापौर को वडेट्टीवार खेमे का सहारा


- पवन झबाड़े 

चंद्रपुर:
 चंद्रपुर महानगरपालिका की आमसभा बुधवार को भारी हंगामे के बीच संपन्न हुई। हालांकि, इस आमसभा के दौरान महानगरपालिका की राजनीति में एक नए राजनीतिक समीकरण की झलक देखने को मिली। आमसभा से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। मनोनीत (स्वीकृत) नगरसेवको की नियुक्ति का मुद्दा एजेंडे में शामिल नहीं किए जाने पर भाजपा, कांग्रेस शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और जनविकास सेना ने नाराजगी जताई।

वहीं, सत्ताधारी भाजपा नगरसेवको के विधायक जोरगेवार समर्थक गुट तथा कांग्रेस के सांसद प्रतिभा धानोरकर समर्थक  नगरसेवको ने आमसभा का कोरम पूरा न होने देने के लिए सक्रिय प्रयास किए।दो दिन पहले सर्वदलीय गुट नेताओं ने महापौर से मुलाकात कर मनोनीत नगरसेवको की नियुक्ति का मुद्दा एजेंडे में शामिल करने की मांग की थी। लेकिन महापौर ने यह मांग स्वीकार नहीं की और विषय को एजेंडे में शामिल नहीं किया, जिससे विपक्ष में नाराजगी बढ़ गई।

इसके बाद आमसभा को स्थगित कराने के उद्देश्य से कोरम अधूरा रखने की रणनीति बनाई गई। भाजपा विधायक किशोर जोरगेवार समर्थक नगरसेवक सभागृह मे में पहुंचे ही नहीं। वहीं, सांसद प्रतिभा धानोरकर समर्थक कांग्रेस नगरसेवको ने स्वीकृत नगरसेवक के मुद्दे पर महानगरपालिका की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नगरसेवक  भी सभागार से अनुपस्थित रहे। हालांकि, शिवसेना की नगरसेविका किरण कोतपल्लीवार भाजपा के मुनगंटीवार गुट के साथ नजर आईं।

इन सभी राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच मुनगंटीवार गुट की महापौर कोरम पूरा कराने के प्रयास में जुटी रहीं। इसी दौरान कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार समर्थक नगरसेवक सभागार में पहुंचे। उनके साथ बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की एकमात्र नगरसेविका सोनिया उंदीरवाडे भी मौजूद थीं। निर्दलीय नगरसेवक नंदू नागरकर इस समय सभागार मे उपस्थित थे इससे आवश्यक कोरम पूरा हो गया और आमसभा आयोजित हो सकी।गौरतलब है कि सत्ताधारी मुनगंटीवार गुट की महापौर को वडेट्टीवार समर्थक नगरसेवको का का सहयोग मिलता दिखाई दिया। इसके बाद चंद्रपुर महानगरपालिका की राजनीति में नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

वडेट्टीवार गुट का 'स्वतंत्र फैसला', धानोरकर गुट को झटका
एक ओर धानोरकर समर्थक गुट महानगरपालिका के प्रवेश द्वार पर विरोध प्रदर्शन में व्यस्त था, वहीं दूसरी ओर मनपा विपक्ष के नेता राजेश अड्डूर के साथ वडेट्टीवार समर्थक कांग्रेस के 11 नगरसेवक सभागार में जाकर बैठ गए। धानोरकर गुट के आंदोलन से दूरी बनाकर वडेट्टीवार गुट के इन नगरसेवको ने महापौर के लिए आवश्यक कोरम पूरा कराने में अहम भूमिका निभाई। इससे यह चर्चा शुरू हो गई कि कांग्रेस में गुटनेता पद को लेकर चले विवाद का असर इस आमसभा में भी देखने को मिला और वडेट्टीवार गुट ने अप्रत्यक्ष रूप से सत्ताधारी मुनगंटीवार गुट को मदद पहुंचाई।

भाजपा-शिवसेना (उबाठा) गठबंधन में भी खटास के संकेत
चंद्रपुर महानगरपालिका में भाजपा और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बीच गठबंधन है। हालांकि, इस आमसभा में गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए। शिवसेना (उबाठा) के स्थायी समिति सभापति मनस्वी संदीप गिऱ्हे तथा उपमहापौर प्रशांत दानव बैठक से अनुपस्थित रहे। बाद में जब उन्हें कोरम पूरा होने और सभागार में हंगामा शुरू होने की जानकारी मिली तो वे देर से पहुंचे। सामान्य नगरसेवको मे बैठे रहे इन घटनाक्रमों के बाद महानगरपालिका के राजनीतिक गलियारों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन के भीतर भी दरार की चर्चा तेज हो गई है।