logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

राज्य में 36 हजार से ज्यादा कंपनियां हुई बंद! लोकसभा में जवाब से राज्य की सियासत गरमाई; शरद पवार ने उठाए सवाल तो सीएम फडणवीस ने विस्तार से दिया जवाब


नागपुर: महाराष्ट्र में पिछले पाँच वर्षों में 36,000 से अधिक निजी कंपनियाँ बंद होने के मुद्दे पर राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार द्वारा राज्य सरकार पर किए गए तीखे हमलों के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर विस्तृत आँकड़े साझा करते हुए सधे हुए अंदाज में पलटवार किया है।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में संपन्न हुए संसद के मानसून सत्र में सांसद राजाभाऊ वाजे द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय कॉर्पोरेट कार्य राज्यमंत्री ने आँकड़े प्रस्तुत किए थे। इसके अनुसार, पिछले 5 वर्षों में महाराष्ट्र में 36,211 निजी कंपनियाँ बंद हुईं।इसी जानकारी के साथ-साथ चाकण MIDC से बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते 20 कंपनियों के कथित पलायन का हवाला देते हुए शरद पवार ने राज्य सरकार पर निशाना साधा था। पवार ने कहा था, "यह यशवंतराव चव्हाण का महाराष्ट्र है और उद्योगों का इस प्रकार पलायन होना राज्य के लिए अशोभनीय है।"

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आंकड़ों के साथ जवाब

शरद पवार की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पवार साहब एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, इसलिए उनके मन में कोई भ्रम न रहे, यह स्पष्ट करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक आँकड़ों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की:


76% कंपनियाँ कभी शुरू ही नहीं हुईं (Defunct)

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बंद बताई जा रही कंपनियों में से 76% कंपनियाँ 'डिफंक्ट' (निष्क्रिय) थीं, यानी वे केवल कागजों पर पंजीकृत थीं और वास्तव में कभी शुरू ही नहीं हुईं। इसके अलावा:

  1. 12% कंपनियों का विलय (Amalgamation) हुआ।
  2. केवल 2% कंपनियाँ औपचारिक रूप से विघटित (Dissolved) हुईं।
  3. वर्ष 2019-20 में केंद्र सरकार ने विशेष अभियान चलाकर निष्क्रिय कंपनियों को 'स्ट्राइक ऑफ' (रजिस्टर से बाहर) किया था।

देश में सक्रिय कंपनियों की संख्या तीन गुना बढ़ी

मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2015-16 में देश में सक्रिय कंपनियों की संख्या 6,78,768 थी, जो अब बढ़कर 21,17,747 हो चुकी है। यानी पिछले दशक में सक्रिय कंपनियों में तीन गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

3. कंपनियों के मामले में महाराष्ट्र आज भी शीर्ष पर

देश भर में कंपनियों की स्थिति और नए पंजीकरण के मामले में महाराष्ट्र पहले स्थान पर बना हुआ है:

क्रमांक राज्यकुल पंजीकृत कंपनियाँ
1.महाराष्ट्र3,96,211
2.दिल्ली2,72,342
3.उत्तर प्रदेश1,85,982

नए पंजीकरण के मामले में भी महाराष्ट्र में सर्वाधिक 41,525 कंपनियाँ दर्ज की गईं, जो देश में सबसे अधिक हैं।

चाकण एमआईडीसी के मुद्दे पर सरकार का रुख

चाकण MIDC से जुड़े सवालों पर मुख्यमंत्री ने माना कि वहाँ कुछ स्थानीय समस्याएँ हैं, जिसके समाधान के लिए उद्योग मंत्री उदय सामंत को निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने बताया कि MIDC की पहल पर जिला प्रशासन, PWD, PMRDA, NHAI और जिला परिषद के अधिकारियों की संयुक्त बैठक कर अल्पकालिक व दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य से एक भी उद्योग बाहर नहीं जाने दिया जाएगा और महाराष्ट्र निवेश व उद्योगों के अनुकूल माहौल के साथ शीर्ष पायदान पर बना रहेगा।