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अब घर में बैठे महिलाएं एफआईआर कर सकेंगी दर्ज; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- आरोपी न बचे इसके लिए कानून कर रहे कड़े


जलगांव: बदलापुर की घटना को लेकर राज्य की सियासत गरमाई हुई है। विपक्षी लगातार राज्य सरकार पर हमलावर है। यही नहीं वह लगातार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं अब इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी टिप्पणी सामने आई है। पीएम मोदी ने कहा कि, "महिलाओं की सुरक्षा के लिए हम कड़े कानून लाने वाले हैं। जिससे ऐसे अपराधों में शामिल आरोपी बच न सकें।" रविवार को पीएम एक दिवसीय जलगांव दौरे पर पहुंचे। जहां महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। 

मोदी ने कहा, "हमारी सरकार महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए कानूनों को भी लगातार सख्त बना रही है। आज इतनी बड़ी संख्या में देश की बहनें-बेटियां यहां हैं। मैं आपको ये विशेष रूप से बताना चाहता हूं। पहले शिकायतें रहती थीं कि समय पर एफआईआर दर्ज नहीं होती, सुनवाई नहीं होती, मामलों में देरी होती है। हमने भारतीय न्याय संहिता में ऐसी अनेक रुकावटों को दूर किया है। महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार को लेकर इसमें एक पूरा अध्याय बनाया गया है। अगर पीड़ित महिलाएं थाने नहीं जाना चाहती हैं तो वो घर से ही ई-एफआईआर दर्ज करा सकती हैं। हमने ये भी सुनिश्चित किया है कि थाना स्तर पर ई-एफआईआर के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा।"

पीएम ने कहा, "नए कानूनों में नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए मृत्युदंड और आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है। बेटियों के साथ शादी के नाम पर धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। पहले इसके लिए कोई स्पष्ट कानून नहीं था। अब भारतीय न्याय संहिता में शादी के झूठे वादे और धोखे को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार रोकने के लिए केंद्र सरकार हर तरह से राज्य सरकारों के साथ है। हमें भारतीय समाज से इस मानसिकता को खत्म करके ही रुकना होगा। इसलिए, आज भारत विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इसमें महाराष्ट्र की बहुत बड़ी भूमिका है। महाराष्ट्र विकसित भारत का एक चमकता सितारा है।'