logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

राजदीप सरदेसाई की किताब ने मचाया बवाल, अनिल देशमुख ने छगन भुजबल के बारे में लिखी बातों को बताया 100 फीसदी सही


नागपुर: राज्य में वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई की पुस्तक को लेकर बवाल मचा हुआ है। सरदेसाई ने अपनी किताब में भाजपा द्वारा दूसरी पार्टियों के नेताओं पर दबाव बनाने की बात कही। इसी बीच एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने बचाव करते हुए कहा कि सरदेसाई ने किताब में जो भी लिखा है वह सच है।  

उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई का उपयोग कर नेताओं पर दबाव बनाया गया ताकि वे बीजेपी में शामिल हों। देशमुख ने दावा किया कि छगन भुजबल को इसी दबाव के कारण पार्टी बदलनी पड़ी।

पत्रकारों से बातचीत में सरदेसाई ने कहा कि जब छगन भुजबल मुझसे बात कर रहे थे तो उस समय कई लोग उनके साथ थे। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कहना चाहता।

वहीं, अनिल देशमुख ने कहा कि राजदीप सरदेसाई की किताब में दी गई जानकारी 100 फीसदी सच है. इसमें सच्चाई है, क्योंकि सभी जानते हैं कि ईडी, सीबीआई के दबाव में कितने लोगों को भारतीय जनता पार्टी की सरकार में शामिल होना पड़ा। 

देशमुख ने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद भुजबल साहब पर यह दबाव था और उन्हें फिर से ईडी का नोटिस मिला उनकी ऐसी मानसिकता नहीं थी कि एक बार फिर सारी जांच झेलें। इसलिए इन सभी लोगों ने बीजेपी सरकार में शामिल होने का फैसला किया।