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निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे राजेंद्र मूलक! रामटेक सीट शिवसेना के पास जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुरू की मांग


नागपुर: विधानसभा चुनाव के लिए महाविकास अघाड़ी में सीटों का बटवारा हो गया है। जिसके तहत गठबधन में शामिल तीनो दल यानी शिवसेना उद्धव, कांग्रेस और शरद पवार क्रमशः 85-85-85 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सीट बटवारा फ़ाइनल होते ही शिवसेना ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है। जारी सूची के अनुसार नागपुर जिले की रामटेक विधानसभा सीट शिवसेना के कोटे में गई है। वहीं उद्धव ने यहाँ से विशाल बरबटे को उम्मीदवार बना दिया है। हालांकि, बरबटे को उम्मीदवारी मिलते ही गठबधन में नाराजगी के सुर दिखाई देने लगे हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री राजेंद्र मूलक के निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो गई है। टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने गुरुवार को उन्होंने रामटेक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है। 

ज्ञात हो कि, रामटेक विधानसभा सीट के लिए शिवसेना उद्धव और कांग्रेस के बीच विवाद रहा। शिवसेना रामटेक को अपनी पारम्परिक सीट मानते हुए लगातर इस पर दावा कर रही थी। वहीं कांग्रेस का कहना था कि, पार्टी टूटने के बाद यहां शिवसेना का कोई नेता या उस तरह का जनाधार नहीं बचा है, जिसके दम पर उद्धव गुट यहाँ चुनाव जीत सके। वहीं लोकसभा चुनाव में भी शिवसेना की जगह यहाँ कांग्रेस लड़ी और जीत हासिल की। जिसको देखते हुए कांग्रेस नेताओं का कहना है कि, अगर वह लड़ेगी तो उसकी जीत निश्चित है। 

पिछले पांच साल से मूलक कर रहे तैयारी 

राजेंद्र मूलक की गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में होती है। नागपुर जिले में उनका अच्छा प्रभाव है। 2014 में कामठी से चुनाव हारने के बाद मूलक लगातार रामटेक विधानसभा सीट से तैयारी में लगे हुए थे। 2019 विधानसभा चुनाव और शिवसेना के टूटने के बाद मूलक ने अपना पूरा जोर रामटेक सीट पर लगा दिया। पिछले ढाई साल से वह लगातर विधानसभा क्षेत्र में रह कर अपने प्रति माहौल बनाने के काम में लगे हुए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान मूलक ने कांग्रेस उम्मीदवार श्याम बर्वे के समर्थन में कई सभा और कार्यक्रम किए। जिसका परिणाम यह रहा कि, महायुति उम्मीदवार के मुकाबले यहाँ कांग्रेस उम्मीदवार को ज्यादा वोट मिले। 

शिवसेना के कोटे में जाने से कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज 

रामटेक सीट को लेकर दोनों दलों के बीच बड़ी रस्साकशी चली। कोई भी इसे छोड़ने को तैयार नहीं था। हालांकि, आखिर में केंद्रीय नेतृत्व की मध्यस्थ के बाद यह सीट शिवसेना कोटे में चली गई, जहां उद्धव ने राहुल बरबटे को उम्मीदवार घोषित कर दिया। शिवसेना को सीट मिलने के बाद से कांग्रेस नेताओं में नाराजगी के सुर है। न केवल समर्थक बल्कि राजेंद्र मूलक भी निर्णय को सही नहीं मान रहे हैं। इसी को देखते हुए कार्यकताओं ने निर्दलीय चुनाव में उतरने की बात कहना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता बिना कांग्रेस के सिंबल भी सीट जितने का दावा कर रहे हैं। वहीं मूलक ने इसको लेकर गुरुवार को रामटेक विधानसभा के कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में आगे क्या करना है इसपर निर्णय लिया जायेगा।