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राम शिंदे निर्विरोध बने सभापति, विपक्ष ने नहीं उतारा उम्मीदवार


नागपुर: प्रो राम शिंदे ने सीएम देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में महाराष्ट्र विधान परिषद के अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। डीसीएम अजित पवार, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, चंद्रकांत दादा पाटिल, उदय सामंत, जयकुमार रावल भी मौजूद रहे।

पिछले 29 महीने से खाली चल रहे विधान परिषद सभापति पद पर प्रो राम शिंदे का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। महाविकास अघाड़ी की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं दिया गया है। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 19 दिसंबर को होगा। इस चुनाव के लिए महायुति की ओर से उम्मीदवार के तौर पर बीजेपी के प्रोफेसर राम शिंदे के नाम की घोषणा की गई।

रामराजे निंबालकर का कार्यकाल 7 जुलाई 2022 को समाप्त होने के बाद से विधान परिषद के सभापति का पद खाली था। हालांकि राज्य मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह हो चुका है, लेकिन अभी तक खातों का आवंटन नहीं हो सका है।

शिंदेसेना से कुछ अहम पदों की मांग की गई थी। इसमें विधान परिषद के सभापति का पद भी शामिल था। विधान परिषद के कुल गणित पर नजर डालें तो बीजेपी के पास सबसे ज्यादा सदस्य हैं। इसलिए बीजेपी ने राम शिंदे को नाम दिया। 

राज्यपाल की ओर से भेजे गए कार्यक्रम के मुताबिक बुधवार दोपहर 12 बजे तक आवेदन जमा करना था। शिंदे ने सुबह अर्जी दाखिल की। वहीं, माविया ने उम्मीदवार न देने का रुख अपनाया।