logo_banner
Breaking
  • ⁕ मनपा चुनावो में भाजपा की जीत पर भाजपा में जश्न का माहौल, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- जनता ने विकास के नाम पर दिया वोट ⁕
  • ⁕ अमरावती मनपा चुनाव: युवा स्वभामिनी ने भाजपा का बिगाड़ा खेल, केवल जीत पाई 25 सीट ⁕
  • ⁕ Chandrapur Election Result: भाजपा को लगा झटका, 27 सीट जीतकर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी; देखें उम्मीदवारों की पूरी सूची ⁕
  • ⁕ Akola Municipal Corporation Result: अकोला मनपा पर भाजपा का परचम, 38 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी ⁕
  • ⁕ Municipal Corporation Election 2026: नागपुर मनपा में भाजपा की प्रचंड जीत, लगातार चौथी बार सत्ता में हुई काबिज ⁕
  • ⁕ Chandrapur NMC Election 2026: कांग्रेस को बड़ी बढ़त, चंद्रपुर में जीत लगभग तय: विजय वडेट्टीवार ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

मराठा आरक्षण को सबसे ज्यादा विरोध शरद पवार और सुप्रिया सुले का, फडणवीस का बड़ा दावा


नागपुर: मराठा आरक्षण को लेकर राज्य में प्रदर्शन जारी है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार और उनकी बेटो सुप्रिया सुले पर बड़ा आरोप किया है। उन्होंने कहा कि, मराठा आरक्षण का सबसे ज्यादा विरोध शरद पवार ने किया है। अगर उन्हें आरक्षण देना होता तो वह मंडल आयोग में अन्य जातियों के साथ मराठा आरक्षण को शामिल कर उन्हें आरक्षण दिया जा सकता था।

शनिवार को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए "महाविजय 2024" के लिए नागपुर में महाराष्ट्र भाजपा की कार्यकारणी की बैठक हुई। कोराडी स्तिथ एक हॉल में आयोजित बैठक में भाजपा नेताओं और विधायकों को संबोधित करते हुए यह बात कही। फडणवीस ने कहा, "मराठा आरक्षण को लेकर आज राज्य में बड़ा विरोध प्रदर्शन हो रहा है. मराठा आरक्षण के इतिहास पर नजर डालें तो मराठा आरक्षण का सबसे ज्यादा विरोध अगर किसी ने किया तो वो शरद पवार ही थे।"

सुप्रिया सुले पर हमला बोलते हुए फडणवीस ने कहा, "महाविकास अघाड़ी सरकार के दौरान भी सांसद सुप्रिया सुले के पास मराठा आरक्षण के अलावा कोई सवाल नहीं है? इतना कहकर सवाल खारिज कर दिया। उन्होंने (विपक्षी दलों ने) बार-बार अवसरों के बावजूद आरक्षण की पेशकश नहीं की है।''

उन्होंने आगे कहा, "अगर शरद पवार और उनके विरोधियों के मन में यह बात होती तो मंडल कमीशन लागू होने पर ही मराठा समुदाय को आरक्षण दिया जाता. अगर उनके मन में होता तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले भी आरक्षण दिया जा सकता था। लेकिन वे कभी भी आरक्षण नहीं देना चाहते थे. वे तो बस समाज को संघर्षशील बनाये रखना चाहते थे। उनकी मानसिकता यह है कि अगर लोग लड़ते रहेंगे, तो हम नेता बने रहेंगे।"