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Maharashtra

शिवसेना अयोग्यता मामला: शाम साढ़े चार बजे विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर सुनाएंगे फैसला


मुंबई: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) सहित शिवसेना (Shivsena) के 16 विधायकों के अयोग्यता पर आज निर्णय आने वाला है। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर (Rahul Narvekar) शाम साढ़े चार बजे तक फैसला सुनाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय आम जनता तक पहुंचे इसके लिए इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। परिणाम के पहले उद्धव गुट (Udhav Thackeray group) नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष पर हमला बोलते हुए संविधान के अनुसार काम करने का आवाहन किया है। 

ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जून 2022 में 40 विधायकों के साथ शिवसेना से बगावत कर दी थी। इस कारण उद्धव बालासाहेब ठाकरे की अगुवाई वाली महाविकास अघाड़ी की सरकार गिर गई थी। विधायकों की बगावत के बाद उद्धव गुट ने विधायकों की सदस्य्ता रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाईं थी। सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई करते हुए विधायकों की सदस्यता रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि, यह अधिकार केवल विधानसभा अध्यक्ष के पास है। उद्धव गुट की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी 2024 तक निर्णय सुनाने का आदेश दिया था। 

सुबह से काम में लगे अध्यक्ष 

निर्णय सुनाने से पहले विधानसभा अध्यक्ष कर काम पूरा कर सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं। सुबह साढ़े 10 बजे से अध्यक्ष काम में लगे हुए हैं। निर्णय सुनाने के दौरान दोनों पक्षों की मौजूदगी रही इसको लेकर अध्यक्ष ने दोनों पक्षो के वकीलों को मेल पर मौजूद रहने का आदेश दिया। जिसके तहत दोनों पक्षों के वकील विधानसभा परिसर में पहुंच गए हैं। इसी के साथ दोनों गुटों के नेता भी विधान भवन में मौजूद है। 

उद्धव ने शिंदे और नार्वेकर की मुलकात ने उठाई सवाल 

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की मुलकात पर हमला बोला है। उद्धव ने कहा कि, "निर्णय के पहले विधानसभा अध्यक्ष का मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर मुलाकात करना बेहद चिंता का विषय है। अगर अध्यक्ष को मुख्यमंत्री से मिलना था तो वह उन्हें अपने आवास पर बुला सकते थे। लेकिन वह खुद मिलने पहुंचे हैं। यह बेहद चिंता का विषय है। स्पीकर ट्रिब्यूनल हैं और मुख्यमंत्री आरोपी है. क्या एक जज एक आरोपी से मिल सकता है? यह आशंका आती है कि क्या कोई मिलीभगत तो नहीं है?

उद्धव ठाकरे का बयान अज्ञानता से भरा हुआ 
उद्धव ठाकरे ने बयान पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पलटवार किया है। शिंदे ने कहा, "यह महाराष्ट्र का दुर्भाग्य है कि जो व्यक्ति मुख्यमंत्री रह चुका है वह ऐसी भाषा का प्रयोग कर सकता है। उद्धव ठाकरे का बयान उनकी अज्ञानता है. विधायक अयोग्यता सुनवाई मामला कोई आपराधिक मामला नहीं है. तो ये सिविल मामला है और सुनवाई चल रही है। इस मामले की सुनवाई में कोई आरोपी नहीं है। इस के साथ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि , "जिस तरह की बातें उद्धव गुट कर रहा है। वैसा ही शिवसेना शिंदे गुट भी कह सकता है कि 14 विधायक आरोपी हैं, लेकिन ऐसा नहीं कह रहा।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "वह ऐसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं कि उद्धव ठाकरे के बयानों में कोई तर्क नहीं है। यानी उन्हें अपनी हार नजर आने लगी है। चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये फैसले के अनुसार लोकतंत्र में बहुमत महत्वपूर्ण है. इसलिए उन्होंने यह भी विश्वास जताया है कि राहुल नार्वेकर यह फैसला योग्यता के आधार पर ही लेंगे।"