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Maharashtra

राज्य मंत्रिमंडल ने निर्यात को बढ़ावा देने दी निर्यात प्रोत्साहन नीति को मंजूरी


मुंबई: राज्य कैबिनेट ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई राज्य की पहली निर्यात प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में मुंबई में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह नीति 2027-28 तक लागू रहेगी और इससे राज्य में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है।

एक ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य 

वर्तमान में राज्य का निर्यात 72 बिलियन डॉलर है और इस नीति का उद्देश्य इसे बढ़ाकर 150 बिलियन डॉलर करना, निर्यातोन्मुख बुनियादी ढांचे का विकास करना और 2030 तक देश के 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य में राज्य की 22 प्रतिशत भागीदारी हासिल करना है। इस प्रोत्साहन से राज्य के लगभग 5000 उद्योगों को लाभ होगा और 40000 रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और राज्य के निर्यात को 14% तक बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस नीति में निर्यातोन्मुख उद्योगों को बढ़ावा देकर जिला स्तर पर निर्यात केंद्र स्थापित करना शामिल है।

धनगर समाज के लिए 140 करोड़ रुपये  

आज हुई कैबिनेट बैठक में धनगर समाज के उत्थान की योजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक अधिकार प्राप्त समिति नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। इन 13 योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए इस वर्ष के बजट में 140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

विदर्भ के लिए 

कैबिनेट ने विदर्भ में 5 स्थानों पर आधुनिक संतरा प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया। इससे संतरा उत्पादकों को सही कीमत मिल सकेगी और सही गुणवत्ता के संतरे देश-विदेश में भेजे जा सकेंगे।

अन्य फैसले 

राज्य चयन बोर्ड के माध्यम से अनुदानित निजी आयुर्वेद, यूनानी कॉलेजों में शिक्षण पदों को भरना, वाशिम जिले के मंगरुलपीर में 2 बैराजों को मंजूरी, अधिक दूध देने वाले दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए प्राधिकरण की स्थापना, पुलिस कुत्ता प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव। बारामती तहसील में मौजे गोजूबावी, मॉरीशस में महाराष्ट्र के बारे में जानकारी के लिए पर्यटन केंद्र, बहुउद्देश्यीय परिसर स्थापित करने का प्रस्ताव आदि जैसे महत्वपूर्ण निर्णय बैठक में लिए गए।