logo_banner
Breaking
  • ⁕ CM देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलनकारी छात्रों से की मुलाकात, मानी सभी मांगे; मंत्री उइके ने आंदोलन समाप्त करने का किया आवाहन ⁕
  • ⁕ मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के ‘शुद्धीकरण’ पर नितीन राऊत आक्रामक, डॉ. नितीन राऊत ने पांचपावली पुलिस में दर्ज कराई शिकायत ⁕
  • ⁕ गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन की तैयारियां तेज; मनपा, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त समन्वय बैठक, मंडलों को दिए गए अहम् निर्देश ⁕
  • ⁕ क्या बैंक लॉकर भी सुरक्षित नहीं? नागपुर में केनरा बैंक के लॉकर से लाखों के जेवर गायब, NRI महिला ने कर्मियों पर लगाए धोखाधड़ी के आरोप ⁕
  • ⁕ महिला अस्पताल अग्निकांड: 3 नवजात शिशुओं की मौत के बाद अस्पताल पहुंचीं चित्रा वाघ, यशोमती ठाकुर ने भाजपा नेताओं के दौरे को बताया 'पर्यटन यात्रा' ⁕
  • ⁕ Chandrapur: बच्चे पहुंचे स्कूल, लेकिन सभी शिक्षक नदारद! सुपगांव जिला परिषद स्कूल में बवाल, जांच के आदेश ⁕
  • ⁕ Nagpur: कैफे में नाबालिग से दुष्कर्म से मचा हड़कंप, 19 वर्षीय युवक पर पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Maharashtra

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सराहनीय, राहुल नार्वेकर बोले- पहले तय होगा असली पार्टी कौन-सी


मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीतिक लड़ाई पर सर्वोच्च निर्णय आ गया है। पांच सदस्सीय संविधानपीठ ने अपना निर्णय सुनाते हुए मामले की सुनवाई सात सदस्यीय समिति के पास भेज दिया है। इसी के साथ उन्होंने विधानसभा में शिवसेना का चीफ व्हिप कौन होगा इसका निर्णय करनेका अधिकार सदन के अध्यक्ष को दिया है। वहीं अब इसपर विधान सभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की भी प्रतिक्रिया सामने आ गई है।

उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि, "मुझे नहीं लगता कि अदालत ने राजनीतिक स्थिति पर आदेश दिया, यह एक सराहनीय फैसला है। यह एक उचित निर्णय था। इसलिए, मैं सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का स्वागत करता हूं।" उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के अनुसार पहले कौन पार्टी आधिकारिक है और कौन पार्टी प्रमुख है, यह तय करना होगा, उसके बाद ही प्रतोता की नियुक्ति और विधायकों की अयोग्यता का मामला सुलझाया जाएगा।”

सुप्रीम कोर्ट ने सत्ता संघर्ष पर अपना फैसला सुनाते हुए विधान सभा अध्यक्ष द्वारा व्हिप के रूप में भरत गोगावले की नियुक्ति या मान्यता रद्द कर दी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा है कि, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले का गलत मतलब निकाला जा रहा है। नियुक्ति को मंजूरी देना सही नहीं है क्योंकि विधायक दल के मुखिया ने ही उन्हें नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट ने राय व्यक्त की कि आधिकारिक शिवसेना पार्टी और तत्कालीन पार्टी प्रमुख को पहले निर्णय लेना चाहिए।”

उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री ने बताई सच्चाई की जीत

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सच्चाई की जीत बताई है। आयोजित प्रेस वार्ता में फडणवीस ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने महा विकास अघाड़ी के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। अदालत ने उनकी साजिश नाकाम हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार पूरी तरह संवैधानिक है।”

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि उद्धव ठाकरे को दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सकता है। सदस्यता निरस्त किए जाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्पीकर के पास अधिकार है कि वे फैसला लें।" उन्होंने कहा, "स्पीकर को यह अधिकार दिया गया है कि 10वीं अनुसूची को ध्यान में रखते हुए यह तय करेंगे कि राजनीतिक पार्टी कौनसी है और फिर सदस्यता निरस्त किए जाने पर फैसला होगा।”