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अजित पवार के सरकार में शामिल होने का असली कारण तवाड़े ने बताया, कहा- अगर न होता ये.....


नागपुर: बीते डेढ़ साल से राज्य की राजनीति में उथल-पुथल मचा हुआ है। पार्टियों के टूटने और सरकार में शामिल होने के सिलसिले ने राज्य की राजनीति में भूचाल मचाया हुआ है। कब और कौन विपक्षी नेता सरकार में शामिल हो जाये यह कहा नहीं जा सकता है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने अजित पवार के सरकार में शामिल होने पर बड़ा बयान दिया है। अजित को सरकार में लेने का असली कारण बताते हुए कहा कि, अगर उद्धव ठाकरे ने गद्दारी की की होती तो हम उन्हें साथ न लेते।"

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने "महासंकल्प 2024" के तहत राज्य भाजपा कार्यकारिणी की बैठक नागपुर में हुई। बैठक के बाद तावड़े नागपुर पहुंचे थे जहाँ पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए पूछे सवाल पर उन्होंने यह जवाब दिया। 

तावड़े ने कहा, "भाजपा गठबंधन में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली शिवसेना के उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक थी, लेकिन उद्धव ठाकरे के हमारे साथ विश्वासघात के कारण एकनाथ शिंदे बाहर हो गए। जब राज्य में शिंदे फड़णवीस सरकार थी तब अजित पवार हमारे साथ आए थे। अगर उस समय उद्धव ठाकरे ने गद्दारी नहीं की होती तो आज अजित पवार को अपने साथ नहीं लिया होता।"

भाजपा नेता ने कहा, "महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी और इस चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद का फैसला भी सामूहिक रूप से लिया जाएगा। 2014 के बाद बीजेपी ने राजनीति की दिशा बदल दी है और आने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी का लक्ष्य 400 लोकसभा सीटें हैं।