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Maharashtra

शक्ति अधिनियम में महायुति सरकार करेगी संशोधन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया किया ऐलान


मुंबई: पुणे के स्वारगेट बसस्टैंड की घटना से राज्य में गुस्से का माहौल है। एक तरफ जहां घटना से बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा किया जारहा है। वहीं दूसरी तरफ विपक्षी कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर हमलावर है। घटना के बीच राज्य में फिर एक बाद शक्ति अधिनियम की चर्चा शुरू हो गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाये गए कानून को लागू करने को लेकर बयानबाजी का दौर शुरू है। इस बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा ऐलान करते हुए कानून में संशोधन करने का ऐलान कर दिया है।

मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा, "फडणवीस ने कहा कि शक्ति अधिनियम उन्होंने ही तैयार किया था। वह शक्ति कानून एक ऐसा कानून था जो कई कानूनों का स्थान ले चुका था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पर कुछ आपत्तियां उठाई थीं, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों पर भी आपत्ति जताई थी और उन फैसलों को लेकर भी कानून को चुनौती दी जा रही थी। इसलिए, राज्य को ऐसा कोई अधिकार नहीं है। इसलिए इसमें कुछ बदलाव करने की जरूरत थी।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "साथ ही, उस कानून में कोई भी बदलाव करने से पहले, केंद्र सरकार ने नए कानून का मसौदा तैयार किया। इसके अलावा, हमने जो चीजें शक्ति एक्ट में शामिल की थीं, उनमें से अधिकांश को नए केंद्रीय कोड में शामिल कर लिया गया है। इसलिए हम एक बार फिर से अधिकार अधिनियम की समीक्षा करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो आगे की कार्रवाई करेंगे।"