महाराष्ट्र में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं देने का मुद्दा गर्माया, कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा- आलाकमान से मिलकर जानूंगा कारण
मुंबई: लोकसभा चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवार नहीं बनाने को लेकर कांग्रेस में विवाद बढ़ता जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र में पार्टी का अल्पसंख्यक चेहरा नसीम खान ने आगामी लोकसभा चुनाव में बचे हुए चरणों में प्रचार करने से इनकार करते हुए प्रचार समिति से इस्तीफा दे दिया है। वहीं अब इस मुद्दे पर खान ने जल्द ही आलाकमान से मिलने और टिकट नहीं देने कारण जानने की बात कही है।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में खान ने कहा, "मैं पार्टी नेतृत्व और आलाकमान से व्यक्तिगत तौर पर मिलूंगा और उन्हें इसके बारे में बताऊंगा। कांग्रेस की एक विचारधारा रही है। चाहे लोकसभा चुनाव हो, विधानसभा चुनाव हो या सरकार का गठन, कांग्रेस की हमेशा से हर जाति और समुदाय को प्रतिनिधित्व देने की नीति रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "एमवीए इन लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में 48 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और इनमें से किसी भी सीट पर अल्पसंख्यक समुदाय से किसी को उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। जिससे समाज के लोग आहत हैं। इसलिए, लोग पिछले दो दिनों से मुझसे सवाल कर रहे हैं कि कांग्रेस ने एक भी उम्मीदवार क्यों नहीं उतारा...मैं भी आहत हूं...क्या मजबूरी थी?"
राज्यसभा और विधानसभा में करेंगे कंपनसेट
महाराष्ट्र लोकसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी की तरफ से कोई भी मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव में न उतारने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "...वहां तीन पार्टियों की अघाड़ी है। तीनों पार्टियां मिलकर फैसला लेती हैं। कुछ गलतफहमी भी होती है...उन्हें राज्यसभा और विधानसभा सीटों में कंपनसेट किया जाएगा। हमारी तरफ से कोई समस्या नहीं है..."
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