logo_banner
Breaking
  • ⁕ भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, गिट्टीखदान इलाके में तनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Maharashtra

27 जून से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सेशन, विधायी कार्य सलाहकार समिति की बैठक में निर्णय


मुंबई: आगामी 26 जून से विधानसभा का मानसून सत्र मुंबई में शुरू होगा। शुक्रवार को विधानसभा में विधायकी कार्य सलाहकार समिति की बैठक हुई। जिसमें यह निर्णय लिया गया। इस बात की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने दी।

महाराष्ट्र में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा का चुनाव होने वाला है। उसके पहले राज्य का यह आखिरी विधानसभा सत्र होगा। सत्र को लेकर शुक्रवार को विधानसभा में बैठक हुई। इस बैठक में सत्ता पक्ष, विपक्ष सहित अन्य नेता मौजूद रहे। बैठक में तीन हफ्तों का सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 26 जून से सत्र शुरू होगा और 12 जुलाई तक चलेगा। सत्र को लेकर जानकारी देते हुए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि, सत्र के दौरान राज्य के तमाम मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा सत्तापक्ष और विपक्ष द्वारा किया जाएगा। इसी के साथ नार्वेकर ने जनता के प्रश्नों को न्याय देने की बात भी कही। 

सप्ताह के मध्य में सत्र शुरू हो रहा है। हमने सदस्यों को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की मांग अध्यक्ष से की है। हमने सत्र को बढ़ाने की मांग भी की है। सरकार का आखिरी सत्र होने के यहाँ बहुत महत्वपूर्ण है। 

विपक्ष के लिए विधानसभा का सत्र मौका होता है। सरकार चर्चा से भाग रही है। उसे डर है विपक्ष के सवालों को कैसे जवाब दिया जाए। राज्य की हालत जो इस सरकार ने किया है उसका जवाब उन्हें देना ही पड़ेगा। 

सरकार कम समय में सत्र को समाप्त करने का प्रयास कर रही है। बजट सहित तमाम मुद्दों पर होने वाली चर्चा के दिनों में बढ़ोतरी हमने विधानसभा अध्यक्ष से की है। आखिरी सत्र होने के कारण ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को बोलना के मौका मिले इसलिए हमने सत्र को हमने तीन हफ्ते का करने की मांग की है। 

उल्लेखनीय है कि, मौजूदा महायुति की सरकार का आखिरी सत्र है। सितंबर-अक्टूबर में राज्य में विधानसभा के चुनाव भी होने हैं। लोकसभा चुनाव में मिली जीत से विपक्ष उत्साह से भरा हुआ है। आगामी चुनाव को देखते हुए विपक्ष सत्तापक्ष पर हमलावर रहेंगे। अब देखना यह होगा की सरकार सदन के अंदर विपक्ष के हमलों को किस तरह जवाब देती है।