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Maharashtra

राज्य की जनता को अब पांच ब्रास रेती मिलेगी मुफ्त, कैबिनेट ने रेत एवं बालू उत्पादन नीति-2025 को दी मंजूरी


मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य भर के परिवारों को 5 ब्रास रेत निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके तहत राज्य के प्रत्येक रेत खदान में आवास के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण किया जाएगा। इसी के साथ कैबिनेट ने सरकारी जमीन को एनआईटी के अधीन करने सहित नागपुर में राज्य आपदा प्रबंधन संगठन की स्थापना करने पर अपनी सहमति दी। 

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार की आज कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि, राज्य कैबिनेट ने राज्य की रेत एवं बालू उत्पादन नीति-2025 को मंजूरी दे दी है। बावनकुले ने कहा कि, अब राज्यभर में घरों के लिए 5 ब्रास मुफ्त रेत उपलब्ध होगी। इस मामले में, प्रत्येक रेत खदान में 10 प्रतिशत रेत आवास के लिए आरक्षित रहेगी। जहां पर्यावरणीय मंजूरी उपलब्ध नहीं है, वहां स्थानीय ग्राम पंचायतों को आगे की कार्रवाई करनी होगी। 

राजस्व मंत्री ने यह भी बताया कि, कृत्रिम रेत बनाने के लिए राज्य भर में एम सैंड क्रशर उत्पादन की स्थापना की जाएगी। रेत नीति के साथ सरकार ने नागपुर विकास प्राधिकरण के अंदर आने वाली सभी सरकारी जमीनों को संबंधित जमीनों को सौंपने का निर्णय लिया है। निर्णय से जमीनों पर विकास तेजी से होगा। इसी के साथ महाराष्ट्र स्लम क्षेत्र (सुधार, उन्मूलन और पुनर्वास) अधिनियम-1971 में संशोधन करने का निर्णय लिया है। सिंधी विस्थापितों के पट्टों को नियमित करने के लिए विशेष अभय योजना, नागपुर में राज्य आपदा प्रबंधन संगठन की स्थापना सहित महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम और महाराष्ट्र जिला परिषद एवं पंचायत समिति अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। 


नीचे कैबिनेट का निर्णय संक्षेप में पढ़ें।

  • नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की सीमा के भीतर सरकारी जमीनें संबंधित प्राधिकरणों को हस्तांतरित की जाएंगी, इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
  • राज्य की रेत एवं बालू उत्पादन नीति-2025 घोषित
  • महाराष्ट्र स्लम क्षेत्र (सुधार, उन्मूलन और पुनर्वास) अधिनियम-1971 में संशोधन का निर्णय; झुग्गी पुनर्वास को मिलेगी गति
  • सीएंडडीए के माध्यम से बांद्रा रिक्लेमेशन और आदर्श नगर (वर्ली) की दो म्हाडा योजनाओं के तहत इमारतों का संयुक्त रूप से पुनर्विकास करने का निर्णय
  • सिंधी विस्थापितों के पट्टों को नियमित करने के लिए विशेष अभय योजना-2025
  • नागपुर में राज्य आपदा प्रबंधन संगठन की स्थापना की जाएगी
  • निजी सहायता प्राप्त आयुर्वेद एवं निजी सहायता प्राप्त यूनानी संस्थाओं में समूह-ख, ग एवं घ संवर्ग में सरकारी अनुमोदित पदों पर कार्यरत गैर-शिक्षण अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूर्वव्यापी प्रभाव से एक एवं दो लाभों सहित 'संशोधित सेवाकालीन सुनिश्चित प्रगति योजना' लागू करने का निर्णय
  • राजकीय आयुर्वेद/होम्योपैथी/यूनानी/योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालयों में संविदा आधार पर कार्यरत शिक्षकों को निश्चित मासिक एकमुश्त पारिश्रमिक दिया जाएगा
  • महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम और महाराष्ट्र जिला परिषद एवं पंचायत समिति अधिनियम में संशोधन।