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Nagpur

ड्रग्स नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे, कम बारिश में किसानों के साथ खड़ी है सरकार: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान


नागपुर: अल नीनो (El Nino) के संभावित असर को लेकर जारी रिपोर्ट ने महाराष्ट्र (Maharashtra) की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में राज्य की कई तहसीलों में पानी की गंभीर किल्लत की आशंका जताई गई है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भरोसा दिलाया है कि सरकार पूरी तरह तैयार है और संभावित संकट से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को कम बुवाई की सलाह दी जा रही है ताकि नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके। वहीं मुख्यमंत्री ने इथेनॉल उत्पादन से महाराष्ट्र को होने वाले बड़े आर्थिक फायदे और राज्यभर में चलाए जा रहे ड्रग्स फ्री अभियान को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

ड्रग्स के खिलाफ 'नो टॉलरेंस' नीति
नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय राज्य और देश भर में 'नो टॉलरेंस फॉर ड्रग्स' (नशीले पदार्थों के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं) अभियान बहुत तेज गति से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "विभिन्न जांच एजेंसियां आपस में सटीक जानकारी साझा कर बड़े स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। किसी भी स्थिति में ड्रग्स के इस काले जाल की जड़ों को पूरी तरह से खोदकर बाहर निकाल दिया जाएगा। आने वाले समय में भी यह कार्रवाई बिना रुके लगातार जारी रहेगी।"

 किसानों से सही समय पर बुआई की अपील
इस साल के मानसून और मौसम की स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों की चिंता पर बात की। उन्होंने बताया कि इस साल 'अल नीनो' के प्रभाव के कारण देश में औसत बारिश केवल 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि भले ही राज्य की औसत बारिश 92 फीसदी बताई जा रही हो, लेकिन मराठवाड़ा, पश्चिमी विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र के कुछ जिलों और राज्य के सूखा प्रवण (दुष्काल प्रभावित) क्षेत्रों में इस औसत से भी कम बारिश होने की आशंका है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जल्दबाजी में बुआई न करें। जब तक पर्याप्त बारिश न हो जाए, तब तक बुआई करने से बचें ताकि दोबारा बुआई (दुबार पेरणी) का आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कम बारिश में किसानों का नुकसान कम से कम हो, इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।

'ई-85' ईंधन से महाराष्ट्र के किसानों की चमकेगी किस्मत
देश में आने वाले नए पर्यावरण अनुकूल ईंधन 'ई-85' (E-85) को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ी उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि चूंकि महाराष्ट्र देश में इथेनॉल के उत्पादन में सबसे आगे है, इसलिए इस नए ईंधन का सबसे ज्यादा फायदा हमारे राज्य के किसानों को मिलेगा। केंद्र सरकार की 'ईंधन संमिश्रण' (फ्यूल ब्लेंडिंग) नीति और शत-प्रतिशत इथेनॉल पर चलने वाली गाड़ियों के आने से भविष्य में गन्ने और अन्य फसल उत्पादक किसानों की आय में भारी वृद्धि होगी।

ईंधन की बढ़ती कीमतों पर शरद पवार को दिया जवाब
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि "बढ़ती ईंधन और गैस कीमतों का राजनीतिक झटका सत्ता पक्ष को लगेगा", मुख्यमंत्री फडणवीस ने पलटवार किया। वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "वर्तमान में वैश्विक स्तर पर चल रही युद्ध जैसी स्थितियों के कारण दुनिया का एक भी देश ऐसा नहीं बचा है, जहां पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम न बढ़े हों। यह एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। इसके बावजूद केंद्र सरकार इस पूरी स्थिति पर बारीक नजर रखे हुए है। सरकार को आम जनता की चिंता है और सही समय पर इस संबंध में उचित निर्णय लिए जाएंगे।"