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Maharashtra

देवेंद्र फडणवीस का राजनीतिक उत्तराधिकरी कौन होगा? मुख्यमंत्री ने पहली बार की बड़ी टिप्पणी


नागपुर: मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने पहली बार अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी पर टिप्पणी की है। कई लोगों का दावा है कि फडणवीस की बेटी दिविजा फडणवीस (Divija Fadnavis) उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएगी। लेकिन अब फडणवीस ने खुद ही स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी बेटी को कभी भी राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में नहीं देखेंगे। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि मैं अपने परिवार का अंतिम राजनेता हूं।

महिला दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' समापन समारोह और कन्यारत्न सम्मान कार्यक्रम आज मुंबई में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए देवेन्द्र फडणवीस ने महिलाओं के सामाजिक योगदान पर टिप्पणी करते हुए अपनी बेटी दिविजा के भविष्य पर भी प्रकाश डाला। फडणवीस ने कहा, "कई लोगों पर परिवार में कम से कम एक बेटा होने का अप्रत्यक्ष सामाजिक दबाव होता है। लेकिन मैं अपनी एक ही बेटी से खुश हूं। आजकल लड़कियाँ लड़कों की तुलना में अपने माता-पिता का अधिक ख्याल रखती हैं। मैं स्वयं एक बेटी का पिता हूं। इसलिए मैं यह बात निश्चितता के साथ कह सकता हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरी बेटी दिविजा एक अच्छी वक्ता है। वह राजनीतिक रूप से सही बात बोलती है। लेकिन मैं अपनी बेटी को कभी भी राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में नहीं देखूंगा। दिविजा कानून की पढ़ाई करना चाहती है। इसलिए मैं अपने परिवार में अंतिम राजनीतिज्ञ होऊंगा।"

2029 तक राजनीति में एक तिहाई महिलाएं होंगी

मुख्यमंत्री ने राज्य में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर भी टिप्पणी की। महाराष्ट्र में राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। लेकिन अभी भी कई जगहों पर, गांव स्तर की राजनीति में, लोग मेरा परिचय 'मैं सरपंचपति हूं' के नाम से कराते हैं। जब मैंने राजनीति में प्रवेश किया, तो 80 प्रतिशत महिलाएं अपने पतियों के माध्यम से अपने काम की देखरेख करती थीं। 1997 तक यह आंकड़ा घटकर 50 प्रतिशत रह गया। इसके बाद 2002 तक काफी हद तक महिलाएं अपना काम खुद करने लगीं। लेकिन 2029 में स्थिति नाटकीय रूप से बदल जायेगी। एक तिहाई महिलाएं राजनीति में नजर आएंगी।