logo_banner
Breaking
  • ⁕ ओला-उबर और रैपिडो के लिए नई नीति लाने की तैयारी, नितिन गडकरी बोले- 12 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार ⁕
  • ⁕ धर्मांतरण के बाद पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर नहीं मिलेगा आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही ⁕
  • ⁕ एसटी के बेड़े में शामिल होंगी 200 लग्जरी वॉल्वो बसें, 170 सीटिंग और 30 स्लीपर कोच का ऑर्डर ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में 40 दिनों में 36 किसानों की आत्महत्या! ₹5 हजार की मदद को यशोमति ठाकुर ने बताया ‘भीख’ ⁕
  • ⁕ हनी सिंह को महाराष्ट्र साइबर सेल ने चौथी बार भेजा समन, हो सकती है कानूनी कार्रवाई! ⁕
  • ⁕ इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें! 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती जिला बैंक की अंतिम सूची में 2,852 मतदाता, अक्टूबर के आखिर में बजेगा चुनाव का बिगुल ⁕
  • ⁕ Yavatmal: रालेगांव तहसील समूह में सत्ता परिवर्तन! वडकी में वर्षा तेलंगे की हार, प्रवीण कोकाटे की शानदार जीत ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Yavatmal

Yavatmal: जिले में बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसान मुश्किलें में फंसे


यवतमाल: जिले में पिछले दो दिनों से बेमौसम बारिश हो रही है. रविवार शाम और आधी रात को तेज हवाओं के साथ सभी जगह भारी बारिश हुई। इससे कई जगहों पर घर और पेड़ गिर गये. रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों के साथ-साथ बाग-बगीचों और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ।

जिले के यवतमाल, अरनी, बाभुलगांव, कलंब, पुसाद, महागांव, उमरखेड़ और अन्य तालुकाओं में बिजली गिरने के साथ भारी बारिश हुई. इस दौरान तेज हवा से कई घरों की छतें उड़ गईं. अरनी तालुका में एक वृद्धाश्रम की छत उड़ जाने से बुजुर्ग लोगों को असुविधा हुई। कई स्कूलों की टिन की छतें उड़ गईं।

दुकानें, बड़े-बड़े बोर्ड ढह गए। बारिश के कारण गेहूं, चना, ज्वार, तिल, मूंगफली आदि फसलों के साथ-साथ आम, पपीता, तरबूज, संतरा, केला आदि के बगीचों को नुकसान हुआ है। यवतमाल शहर में रात करीब 11:30 बजे बिजली चमकने के साथ बारिश शुरू हुई. तेज हवा के कारण कई पत्थर उड़ गये. कई शहरों में पेड़ उखड़ गये. निचले इलाकों में पानी जमा हो गया है. कुछ जगहों पर बिजली के खंभे टूट कर गिर गये.

इससे रात में अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी. सुबह तक यह आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी थी। गनीमत यह रही कि इस बेमौसम बारिश से कोई जनहानि नहीं हुई. लेकिन नागरिक उग्र थे. किसानों ने मांग की है कि प्रशासन बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का पंचनामा बनाए और सहायता प्रदान करे.