Yavatmal: वर्धा–यवतमाल–नांदेड रेल्वे प्रोजेक्ट में गौण खनिज उत्खनन घोटाला, अमृत सरोवर योजना का दुरुपयोग!
यवतमाल: वर्धा–यवतमाल–नांदेड नई रेल्वे परियोजना में गौण खनिज उत्खनन में बड़ा घोटाला सामने आया है। उमरखेड तालुका में रेल्वे प्रोजेक्ट के लिए निकाले गए गौण खनिज को अमृत सरोवर योजना के तहत दिखाकर अवैध रूप से इस्तेमाल किया गया। स्थानीय नागरिक अमोल कोमावार ने जिल्हाधिकारी को निवेदन देकर पूरे इलाके में ईटीएस मोजणी पुनः करने की मांग की है। आरोप है कि ईटीएस मोजणी के दौरान अधिकारियों ने गलत गट क्रमांक दिखाकर अहवाल प्रस्तुत किया। शिकायतकर्ता और उनके प्रतिनिधियों को मोजणी के समय जानी-बूझी दूर रखा गया।
अमृत सरोवर योजना का दुरुपयोग
अमृत सरोवर योजना गाँव के पास जलसंचय और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए लागू होती है। लेकिन अधिकारियों ने दूर के गट क्रमांक दिखाकर खनिज का उपयोग रेल्वे प्रोजेक्ट में किया। महाराष्ट्र में विशेष मामलों को छोड़कर हिल कटिंग की अनुमति नहीं है, जबकि उमरखेड में टेकडियों को फोड़कर अमृत सरोवर बनाने का प्रयास किया गया। 17 गटों में से 13 गटों का ईटीएस अहवाल प्राप्त हुआ। इनमें से 4 गटों में 57,532 ब्रास अतिरिक्त गौण खनिज उत्खनन हुआ और कंत्राटदार को नोटिस जारी किया गया।
किसानों और स्थानीय लोगों के साथ धोखाधड़ी
रेल्वे कंत्राटदार ने स्थानीय किसानों के साथ भी धोखाधड़ी की। मुरूम निकालकर काली मिट्टी डालने का करार करके कंत्राटदार भाग गया। इस संबंध में हातला के शहाजी खडसे, भागोराव खडसे, सुदाम खडसे ने एसडीओ और पोफाळी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
नियमों की अनदेखी
रेल्वे प्रोजेक्ट में भारी उत्खनन हुआ लेकिन अधिकारियों ने संगनमत कर रोजगार हमी योजना और अमृत सरोवर योजना का दुरुपयोग किया। ग्रामीन जनता और पंचायत को इस घोटाले की जानकारी नहीं दी गई। उत्खनन के दौरान कई साग के पेड़ भी काटे गए। अमोल कोमावार ने कहा कि संबंधित कंत्राटदारों को काली सूची में डालें, जिम्मेदार तहसीलदार और अन्य अधिकारियों से दंड वसूली करें और फौजदारी मामला दर्ज किया जाए।
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