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Yavatmal

Yavatmal: जंगल की आग बुझाते समय फॉरेस्ट गार्ड की मौत, 60% झुलसे विजय सिंगनजुडे बने ‘वन शहीद’; सीएम फडणवीस ने जताया शोक


यवतमाल: महाराष्ट्र में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। इसी बीच यवतमाल जिले के हिवरी-मानपुर क्षेत्र में आग बुझाते समय गंभीर रूप से झुलसे फॉरेस्ट गार्ड विजय रामदास सिंगनजुडे (47, निवासी गांधीनगर, पुसद) का इलाज के दौरान निधन हो गया। उन्हें गंभीर हालत में यवतमाल से छत्रपति संभाजीनगर ले जाया गया था, जहां आठ दिन तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

कैसे हुआ हादसा

7 मार्च को यवतमाल के पास मानपुर के जंगल में भीषण आग लग गई थी। ड्यूटी पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड विजय सिंगनजुडे अपनी टीम के साथ आग बुझाने पहुंचे थे। जंगल में कई जगहों पर आग फैलने से टीम अलग-अलग दिशाओं में काम कर रही थी। इसी दौरान अचानक आग ने विकराल रूप ले लिया और सिंगनजुडे चारों तरफ से लपटों में घिर गए।

जान बचाने के लिए उन्होंने एक पेड़ के नीचे शरण ली, लेकिन तब तक उनके शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा झुलस चुका था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके परिवार में बुजुर्ग मां, पत्नी, बेटा और बेटी हैं। उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह पुसद में किया जाएगा।

उपकरण और ट्रेनिंग पर उठे सवाल

इस घटना के बाद वन विभाग की तैयारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार घटना के समय टीम के पास आग बुझाने के लिए जरूरी ‘ब्लोअर पंप’ उपलब्ध नहीं था। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि जंगल की आग से निपटने के लिए पर्याप्त तकनीकी प्रशिक्षण भी नहीं दिया जाता।

राज्य में इस साल पहली मौत

बताया जा रहा है कि इस साल महाराष्ट्र में जंगल की आग बुझाते समय वन विभाग के कर्मचारी की यह पहली मौत है। इससे पहले कुछ साल पहले नागजीरा अभयारण्य में भी आग बुझाते समय दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विजय सिंगनजुडे के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जंगल और प्राकृतिक संपदा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले विजय सिंगनजुडे सच्चे “वन शहीद” हैं। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।