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Yavatmal: झरी-जामणी में बाघ की दहशत, 10 से 15 पालतू मवेशियों की मौत का दावा


यवतमाल: जिले  के झरी-जामणी इलाके में बाघ की दहशत से किसान परेशान हैं। किसानों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में बाघ के हमले में 10 से 15 पालतू मवेशियों की मौत हुई है। डर के चलते खेती के काम और खेतों में जाना तक प्रभावित हो रहा है।

झरी-जामणी के खेतों में बाघ की लगातार मौजूदगी से किसानों और ग्रामीणों में डर का माहौल है। किसानों के मुताबिक, बाघ के हमलों में 10 से 15 पालतू जानवर मारे जा चुके हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। बाघ की दहशत के कारण किसान खेतों में जाने और मवेशियों को चराने के लिए बाहर ले जाने से भी डर रहे हैं। फसलों की रखवाली करना मुश्किल हो गया है और मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। 

मामले को लेकर झरी-जामणी के किसानों ने वन विभाग के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर को ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने मारे गए मवेशियों का तत्काल पंचनामा कर उचित सरकारी मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही इलाके में 24 घंटे वन विभाग की गश्त शुरू करने और बाघ को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की गई है। 

किसानों ने जंगल और खेतों की सीमा पर सोलर फेंसिंग या सुरक्षा जाली लगाने की स्थायी व्यवस्था की मांग भी की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।