logo_banner
Breaking
  • ⁕ भंडारा में भीषण सड़क हादसा: ट्रक-पिकअप की जोरदार टक्कर में 8 लोगों की मौत, तीन मासूम भी शामिल ⁕
  • ⁕ पेपर लिक और लापरवाही के खिलाफ MPSC एस्पिरेंट्स का आंदोलन जारी, विपक्ष का महायुति सरकार पर हमला; टास्क फाॅर्स के गठन पर उठाये सवाल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नाबालिग से शादी कराकर बनाए शारीरिक संबंध, पति समेत 5 पर मामला दर्ज ⁕
  • ⁕ Nagpur: दुकान में सेंधमारी कर 1.70 लाख रुपये उड़ाने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग शामिल ⁕
  • ⁕ गोंदिया-बालाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक और बोलेरो की टक्कर में छह की मौत; आठ गंभीर घायल ⁕
  • ⁕ श्वेता महल्ले और संजय गायकवाड़ के बीच जुबानी जंग तेज; भाजपा विधायक के बाप वाले जश्न पर शिवसेना नेता का पलटवार, कहा- समय पर बताऊंगा कौन है असली बाप? ⁕
  • ⁕ Nagpur: मल्टीलेयर साउंड सिस्टम, प्लाज्मा और प्रेशर मिड पर रोक; पुलिस आयुक्त की 60 दिन की अधिसूचना ⁕
  • ⁕ Nagpur: डांस क्लास जाने की बात पर पति-पत्नी में हुआ विवाद, दो बच्चों के सामने पति ने पत्नी के गले और पेट पर किए वार ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Akola

ग्रामीण जलापूर्ति योजना: बॉम्बे HC ने जिला परिषद् को जारी किया नोटिस, मांगा स्पष्टीकरण


अकोला: जिले में स्वीकृत ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के बिना शर्त हस्तांतरण के लिए जिप ने प्रस्ताव पारित नहीं किया. इसलिए बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने जिप अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मजीप्रा के कार्यकारी अभियंता को नोटिस जारी किया है. साथ ही एक माह में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. इस प्रकरण के मामले ने उस समय अलग मोड़ ले लिया जब जिप में महाविकास अघाड़ी के सदस्यों ने याचिका दायर की.

आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में जिले के उन गांवों के लिए क्षेत्रीय जलापूर्ति योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई, जो पानी की कमी से जूझ रहे हैं और खारे पानी की तालिका में हैं. इन योजनाओं के पूरा होने के बाद जिप को बिना किसी शर्त के रख-रखाव सौंपने का प्रस्ताव पारित करना आवश्यक था. लेकिन जिप ने योजना के रखरखाव और मरम्मत के लिए सरकार को अनुदान देने की शर्तों का उल्लेख करते हुए सरकार को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था. लेकिन जिप को इस तरह निधि नहीं दी जा सकती. 

जिसके कारण इसके विरोध में जि.प. में शिवसेना गुट नेता गोपाल दातकर, सदस्य संजय अढाऊ, गोपाल भटकर, जगन्नाथ नीचल, पूर्व जि.प. सदस्य अप्पु तिड़के, अनुसया राउत, पं.स. सदस्य योगेश्वर वानखड़े, कांग्रेस के सदस्य सुनील धाबेकर, चंद्रशेखर चिंचोलकर ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है. प्रकरण में न्यायमूर्ति चंदुरकर, न्यायमूर्ति पानसरे ने जिप से चार सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है. याचिकाकर्ता की ओर से एड.आनंद देशपांडे काम कर रहे हैं.

860 करोड़ की 9 योजनाओं का समावेश

इनमें तेल्हारा तहसील के तेल्हारा और 69 गांव क्षेत्रीय जलापूर्ति योजना के लिए 148 करोड़ 43 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. अकोला एवं बालापुर तहसील के 69 ग्राम जलापूर्ति योजना हेतु 219 करोड़ 69 लाख, तेल्हारा एवं अकोट तहसील के पोपटखेड़ में 97 गांव जलापूर्ति योजना के लिए 134 करोड़ 43 लाख के कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. मूर्तिजापुर तहसील के लंघापुर एवं 50 ग्राम योजना के लिए 66 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति दी गयी. 

बार्शीटाकली तहसील के पिंजर तथा दो गांवों के लिए 15 करोड़ 10 लाख, धाबा और 13 गांवों की योजनाओं के लिए 36 करोड़ 21 लाख की निधि मंजूर की गयी है. अकोट तहसील के 84 गांव जलापूर्ति योजना के लिए 44 करोड़ 3 लाख, मुर्तिजापुर-लाखपुरी और 18 गांवों की योजना के लिए 29 करोड 62 लाख, बार्शीटाकली के कान्हेरी व 10 गांवों के लिए 36 करोड़ 47 लाख के कार्यों को मंजूरी दी गयी है. इसी तरह बालापुर तहसील के वाड़ेगांव व 24 गांवों की जलापूर्ति योजना के लिए 126 करोड़ 24 लाख रू. की निधि मंजूर की गयी है.