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Buldhana

शेगाँव में बाल झड़ने के बाद अब गिर रहे मरीजों के नाखून! आईसीएमआर की रिपोर्ट का कोई पता नहीं, भय और असमंजस में नागरिक


बुलढाणा: बुलढाणा जिले की शेगाँव तहसील में बालों के झड़ने की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। जानकारी सामने आ रही है कि जिन मरीजों के बाल झड़ गए थे, अब उनके नाखून भी झड़ रहे हैं। बाल झड़ने की समस्या से पीड़ित मरीजों के नाखून कमजोर और विकृत होकर गिर रहे हैं। नागरिक स्वास्थ्य और जिला प्रशासन पर आईसीएमआर की रिपोर्ट दबाने और मरीजों को मझधार में छोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। इस नई समस्य से इलाके में भय का माहौल देखा जा रहा है।

पिछले दिसंबर से बुलढाणा जिले के शेगाँव, नांदुरा और खामगाँव तहसील के कई गांवों के नागरिक अचानक बाल झड़ने से स्तब्ध हो गए। अब चौंकाने वाली बात सामने आई है कि बाल झड़ने वाले मरीजों के नाखून अचानक विकृत और कमजोर हो रहे हैं और कई लोगों के नाखून गिर गए हैं। इस स्थिति के कारण इस क्षेत्र के नागरिक अब चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं। 

नागरिकों का परीक्षण पिछले दिसंबर से ही किया जा रहा है। आईसीएमआर की टीम आ गई। कई बार रक्त के नमूने लिये गये हैं। हालांकि, नागरिक स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन पर मरीजों को बेसहारा छोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। आईसीएमआर की रिपोर्ट अभी तक जारी नहीं हुई है, तो सरकार आखिर क्या छिपाने की कोशिश कर रही है? नागरिकों को इस बात पर संदेह है। आखिर यह बीमारी क्या है? नागरिक इस बात को लेकर संशय में हैं।

इस बीच बुलढाणा के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल बनकर ने कहा है कि, चार गांवों के कुल 29 लोगों में नाखून संबंधी समस्या पाई गई है। कुछ रोगियों में नाखून गिरने की समस्या देखी जा रही है। फिलहाल चार गांवों में कुल 29 मरीज पाए गए हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। उन्हें आगे के इलाज के लिए उप-जिला अस्पताल, शेगांव रेफर कर दिया गया है। ऐसा अनुमान लगाया गया है कि यह समस्या सेलेनियम के बढ़े हुए स्तर के कारण होती है। उन्होंने कहा कि बाल झड़ने की समस्या से पीड़ित मरीजों को वर्तमान में नाखून झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।