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Buldhana

Buldhana: 2 साल से शिक्षकों के पद खाली, नाराज अभिभावकों ने किया स्कूल का बहिष्कार; 25 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी


बुलढाणा: बुलढाणा जिले में ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है। खामगांव तहसील के हिवरा खुर्द (हिवरा बुद्रुक) स्थित जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में पिछले दो वर्षों से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब शिक्षा विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया, तो नाराज अभिभावकों ने 16 अगस्त से स्कूल का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है।

खाली कुर्सियां, सूने क्लासरूम
स्कूल में पर्याप्त छात्र संख्या दर्ज होने के बावजूद कक्षाएं पूरी तरह वीरान पड़ी हैं। बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं और शिक्षक खाली कक्षाओं में कुर्सियों पर बैठने को मजबूर हैं। अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक न होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई ठप है और उनका भविष्य अंधकार में डूब रहा है। ग्रामीण इलाकों के गरीब परिवारों को मजबूरी में अपने बच्चों को भारी फीस देकर अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में भेजना पड़ रहा है।

अस्थायी समाधान से नाराज ग्रामीण
ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन समिति का कहना है कि शिक्षा विभाग हर साल केवल कामचलाऊ (अस्थायी) शिक्षक भेजकर खानापूर्ति करता है। ग्रामीणों की मांग है कि इस 'मलमपट्टी' को तुरंत बंद किया जाए और स्कूल को गुणवत्तापूर्ण व स्थायी शिक्षक दिए जाएं। साथ ही, स्कूल की अकार्यक्षम प्रधानाध्यापिका विद्यावती बोंबाटकार (राखोंडे) का तबादला कर दो नए पूर्णकालिक शिक्षक नियुक्त किए जाएं।

BEO दफ्तर में होगा 'शाला भरो' आंदोलन
स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने पंचायत समिति खामगांव के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को अंतिम चेतावनी भरा ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने दो-टूक कहा है कि यदि 25 अगस्त तक स्कूल में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे सभी बच्चों को लेकर सीधे खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बैठ जाएंगे और वहां 'शाला भरो' आंदोलन शुरू करेंगे।