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Chandrapur

Chandrapur: पुरातन धरोहर का बदला स्वरूप! महाशिवलिंग परिसर में अवैध निर्माण पर बवाल


चंद्रपुर: लालपेठ कॉलोनी क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित प्राचीन महाशिवलिंग परिसर में लाखों रुपये खर्च कर अवैध निर्माण किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे प्रेरित लोक आंदोलन न्यास के जिलाध्यक्ष नितिन बनोडे ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।लालपेठ स्थित यह प्राचीन महाशिवलिंग परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) द्वारा संरक्षित स्मारक क्षेत्र है। परिसर में विभाग की ओर से सूचना बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें संरक्षित स्मारक एवं अवशेष कानून के तहत क्षेत्र में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध का उल्लेख किया गया है।

शिकायत के अनुसार, संरक्षित स्मारक परिसर में प्रार्थना गृह अथवा मंदिरनुमा निर्माण किया गया है। इसके अलावा परिसर में लाखों रुपये खर्च कर शेड सहित अन्य निर्माण कार्य किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे प्राचीन स्मारक और परिसर का मूल स्वरूप बदलने का प्रयास किया जा रहा है। कानून के अनुसार संरक्षित स्मारक परिसर में बिना अनुमति निर्माण करना गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर कारावास अथवा आर्थिक दंड की कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद परिसर में निर्माण कार्य किए जाने का आरोप लोक आंदोलन न्यास ने अपनी शिकायत में लगाया है।

इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के हाथों 8 सितंबर को मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का आयोजन किए जाने की जानकारी है। विशाल महाशिवलिंग मंदिर सेवा समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के मद्देनजर अवैध निर्माण की शिकायत को लेकर मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

पुरातत्व विभाग ने भेजी नोटिस
प्राचीन महाशिवलिंग परिसर में अनधिकृत निर्माण किए जाने की जानकारी मिलने के बाद भारतीय पुरातत्व विभाग के स्थानीय कार्यालय ने विशाल महाशिवलिंग सेवा समिति के अध्यक्ष को निर्माण कार्य रोकने के लिए 28 अगस्त को नोटिस जारी की थी। इसके बाद 7 सितंबर को लोक आंदोलन न्यास की ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई। बताया जा रहा है कि नागपुर कार्यालय की ओर से सेवा समिति को दोबारा नोटिस भेजी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत निर्माण नहीं हटाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।