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Chandrapur

मनपा के जलशुद्धीकरण केंद्रों पर क्लोरीन गैस रिसाव का खतरा, नागपुर हादसे के बाद भी मनपा सुस्त; 59 लाख रुपये का सुरक्षा प्रस्ताव कई महीनों से कागजों में


चंद्रपुर: नागपुर जिले के गोधनी में हुए गंभीर क्लोरीन गैस रिसाव हादसे से पूरा राज्य दहल गया है। इसके बावजूद चंद्रपुर शहर पर भी इसी तरह की बड़ी दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है। तुकूम और रामनगर के घनी आबादी वाले इलाकों में स्थित महानगरपालिका के जलशुद्धीकरण केंद्रों में 900-900 किलो क्षमता वाले बड़े क्लोरीन सिलिंडर का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन गैस रिसाव को रोकने के लिए आधुनिक सुरक्षा प्रणाली उपलब्ध नहीं होने से लाखों चंद्रपुरवासियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है।

इससे पहले शहर के रहमतनगर क्षेत्र स्थित एसटीपी परियोजना में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना हो चुकी है। इस दौरान स्थानीय नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस घटना से सबक लेते हुए मनपा के जलापूर्ति विभाग ने नवंबर 2025 में ही सुरक्षा उपकरण लगाने का प्रस्ताव तैयार किया था। हालांकि, प्रशासनिक सुस्ती के चलते यह प्रस्ताव अब तक लालफीताशाही में अटका हुआ है।

जिला खनिज विकास निधि के लिए प्रस्ताव लंबित!

क्लोरीन सुरक्षा परियोजना पर करीब 59 लाख रुपये खर्च होने की उम्मीद है। 13 फरवरी 2026 को आयुक्त की मंजूरी के बाद कोटेशन रेट मंगाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। निधि उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल और अगस्त में 'जिला खनिज विकास निधि' से राशि उपलब्ध कराने के संबंध में जिलाधिकारी को पत्राचार किया गया। हालांकि, अब तक वहां से एक रुपया भी मंजूर नहीं हुआ है। इसके चलते यह बेहद संवेदनशील सुरक्षा प्रस्ताव केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है।

घनी आबादी पर मंडरा रहा खतरा

क्लोरीन गैस बेहद जहरीली और घातक मानी जाती है। अचानक गैस रिसाव होने पर सांस लेने में गंभीर परेशानी, आंखों में जलन और जान जाने तक का खतरा हो सकता है। तुकूम स्थित 42 एमएलडी जलशुद्धीकरण केंद्र में एक सिलिंडर करीब 9 दिन, जबकि रामनगर के 15 एमएलडी केंद्र में एक सिलिंडर करीब 20 दिन चलता है। 900 किलो क्षमता वाले इन सिलिंडरों से अचानक गैस रिसाव होने की स्थिति में आसपास रहने वाले हजारों नागरिक प्रभावित हो सकते हैं। इसके बावजूद गैस रिसाव का पता लगाने वाले अलार्म और ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम अब तक स्थापित नहीं किए गए हैं।

हादसे के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन?

नागपुर हादसे के बाद मंगलवार को मनपा के जलापूर्ति विभाग की तत्काल बैठक हुई। बैठक में लंबित टेंडर प्रक्रिया को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए। लेकिन नागरिकों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी हादसे या जनहानि के बाद ही जागेगा? जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की इस कथित लापरवाही से चंद्रपुरवासियों में चिंता और भय का माहौल है। नागरिकों ने तत्काल निविदा प्रक्रिया पूरी कर सुरक्षा व्यवस्था को कार्यान्वित करने की मांग की है।

मनपा आयुक्त अकनुरी नरेश, का बयान

“जलशुद्धीकरण केंद्रों पर सुरक्षा की दृष्टि से हम आवश्यक सभी उपाय कर रहे हैं। पहले से ही कुछ सुरक्षात्मक उपाय किए गए हैं और इस संबंध में हमारी समीक्षा बैठक भी हो चुकी है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए यदि किसी और उपाय की आवश्यकता महसूस हुई तो उसे भी तत्काल लागू किया जाएगा।”