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Chandrapur: बच्चे पहुंचे स्कूल, लेकिन सभी शिक्षक नदारद! सुपगांव जिला परिषद स्कूल में बवाल, जांच के आदेश


गोंडपिपरी (चंद्रपुर): गोंडपिपरी तहसील के अंतर्गत आने वाले सुपगांव जिला परिषद प्राथमिक शाला में शनिवार को शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। रोजाना की तरह स्कूल पहुंचे 63 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक मौजूद नहीं था। पूरा स्कूल भगवान भरोसे छूटा देख छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया।

सुपगांव जिला परिषद स्कूल में कक्षा पहली से सातवीं तक के बच्चे पढ़ते हैं, जिनकी पढ़ाई के लिए 4 शिक्षकों की नियुक्ति है। शनिवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे, तो गेट पर ताला लटका मिला। काफी देर इंतजार के बाद पोषण आहार पकाने वाले कर्मियों ने स्कूल का ताला खोला। समय बीतने के बाद भी जब कोई शिक्षक नहीं पहुंचा, तो यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई और आक्रोशित अभिभावक स्कूल परिसर में जमा हो गए।

पूरा स्टाफ एक साथ नदारद
पड़ताल में सामने आया कि स्कूल के मुख्यध्यापक आनंद कोंडेवार छुट्टी पर थे। उनके अवकाश पर रहते हुए सहायक शिक्षक संतोषी पेटकर और मंगेश पेंदाम भी बिना किसी सूचना के स्कूल से गायब रहे। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब मुख्यध्यापक पहले से छुट्टी पर थे, तो अन्य शिक्षकों को अवकाश की अनुमति कैसे मिली? वहीं चौथे शिक्षक दिनेश देवाळकर स्कूल सत्र शुरू होने के बाद से ही मेडिकल लीव पर हैं। नतीजतन, शनिवार को स्कूल में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं रहा, जिससे 63 मासूम बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरपंच, शाला प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने केंद्रप्रमुख तथा खंड विकास अधिकारी (BDO) से कड़ी नाराजगी जताते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का संज्ञान लेते हुए बीडीओ ने तत्काल मामले की जांच रिपोर्ट तलब की है। स्थिति संभालने के लिए आनन-फानन में अड़ेगांव से राठौड़ नामक शिक्षक को अस्थायी रूप से सुपगांव स्कूल भेजा गया। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि बच्चों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

मामले की जाँच करने का आदेश 
भंगाराम तलोधी केंद्र के प्रमुख संतोष गद्देकर ने कहा, "मुख्यध्यापक आनंद कोंडेवार के छुट्टी पर होने की जानकारी थी, लेकिन अन्य दो सहायक शिक्षक भी छुट्टी पर हैं, इसकी मुझे कोई पूर्व सूचना नहीं थी। शिक्षकों की इस गैरहाजिरी की पूरी जांच कर खंड विकास अधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।"