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Chandrapur: डीजे पर पुलिस का शिकंजा; गणेशोत्सव से पहले साउंड सिस्टम का होगा प्रत्यक्ष ‘डेमो, नियम तोड़ने संचालकों पर दर्ज होगा मामला


चंद्रपुर: गणेशोत्सव में डीजे के बढ़ते शोर पर लगाम लगाने के लिए चंद्रपुर पुलिस ने इस बार सख्त कदम उठाए हैं। जिले के 400 से ज्यादा डीजे और साउंड सिस्टम संचालकों से नियमों का पालन करने का शपथपत्र लिया गया है। इतना ही नहीं, डीजे शुरू करने से पहले उसका प्रत्यक्ष ‘डेमो’ भी लिया जाएगा।

गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए चंद्रपुर पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी के मार्गदर्शन में जिले के 400 से ज्यादा डीजे और साउंड सिस्टम संचालकों से ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करने का शपथपत्र भरवाया गया है। इसके तहत चंद्रपुर जिला साउंड सिस्टम एसोसिएशन की बैठक आयोजित कर संचालकों को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और निर्धारित ध्वनि सीमा की जानकारी दी गई।

संचालकों ने प्रशासन और एसोसिएशन द्वारा तय सीमा के भीतर ही साउंड सिस्टम चलाने की सहमति दी है। नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई का सामना करने की बात भी शपथपत्र में स्वीकार की गई है।

खास बात यह है कि गणेशोत्सव में डीजे बजाने से पहले संबंधित साउंड सेटअप का प्रत्यक्ष ‘डेमो’ लिया जाएगा। उपविभागीय पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में होने वाले इस डेमो के दौरान अगर आवाज निर्धारित सीमा से ज्यादा पाई गई, तो साउंड सिस्टम का सामान जब्त कर मामला दर्ज किया जा सकता है। यानी अब पुलिस की अनुमति मिलने के बाद ही डीजे शुरू किया जा सकेगा।

त्योहारों में डीजे और साउंड सिस्टम के लिए दो बेस और दो टॉप की सीमा भी तय की गई है। वहीं, जिले के करीब 400 साउंड व्यवसायियों के जरिए लाइट, जनरेटर, ऑपरेटर और अन्य कर्मचारियों सहित करीब 7 से 8 हजार लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। ऐसे में पुलिस का जोर नियमों का पालन कराते हुए गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने पर है।