logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Chandrapur

Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य


चंद्रपुर: चंद्रपुर से धर्म और सामाजिक सौहार्द से जुड़ी एक अनोखी पहल सामने आई है। तेलंगाना की मुस्लिम युवती हिबा फातिमा ने श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू में अनुवाद तैयार किया है। हिबा ने अपने पिता की प्रेरणा और तकनीक की मदद से महज तीन महीने में इस कार्य को पूरा किया। उनका कहना है कि भगवद्गीता किसी एक धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता को जीवन का मार्ग दिखाने वाला ग्रंथ है।

चंद्रपुर में श्रीमद्भगवद्गीता के उर्दू अनुवाद को लेकर एक अनोखी पहल सामने आई है। तेलंगाना के निजामाबाद तहसील स्थित गोधनी की रहने वाली मुस्लिम युवती हिबा फातिमा ने भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद तैयार किया है। हिबा फातिमा को धर्म और धार्मिक ग्रंथों को केवल सुनने या पढ़ने के बजाय प्रत्यक्ष अध्ययन के जरिए समझने की प्रेरणा मिली।

उर्दू माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने वाली हिबा के लिए दूसरी भाषाओं को समझना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध भगवद्गीता के संस्करणों और गूगल ट्रांसलेटर की मदद से इसका उर्दू अनुवाद तैयार किया। अपने पिता की प्रेरणा से शुरू किए गए इस कार्य को हिबा ने महज तीन महीने में पूरा किया। उनका कहना है कि भगवद्गीता किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता के कल्याण और बेहतर जीवन का मार्ग दिखाने वाला ग्रंथ है।

हिबा ने भगवद्गीता के नौवें अध्याय के 29वें श्लोक का भी उल्लेख किया, जिसमें ईश्वर की समानता और किसी के साथ भेदभाव नहीं करने का संदेश दिया गया है। हिबा फातिमा की इस पहल को पूर्व मंत्री एवं विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भी प्रोत्साहित किया है। उन्होंने हिबा को आर्थिक सहयोग प्रदान करने के साथ उनके इस प्रयास की सराहना की।  इस पुस्तक में उर्दू के साथ हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु और संस्कृत भाषाओं को भी शामिल किया गया है। पुस्तक की पहली 1,000 प्रतियां प्रकाशित की गई हैं।