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Chandrapur: चंद्रपुर मनपा में फिर सियासी ‘खेल’; धानोरकर गुट के नगरसेवक नॉट रिचेबल


चंद्रपुर: महानगर पालिका में कांग्रेस के भीतर चल रहा गुटबाजी का विवाद एक बार फिर उबर के आया है ‘नगरसेवकों को अपने पाले में लाने’ का दौर शुरू हो गया है। इससे मनपा का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विभागीय आयुक्त के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाले वडेट्टीवार गुट ने अब बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए धानोरकर समर्थक नगरसेवकों को अपने खेमे में लाने की रणनीति बनाई है। इसी के तहत बुधवार को 5 से 6 नगरसेवकों को अपने साथ ले जाने की राजनीतिक गलियारों में जोरदार चर्चा है।

मनपा चुनाव में कांग्रेस के 27 नगरसेवक निर्वाचित हुए थे। वडेट्टीवार समर्थक राजेश अडूर को बहुमत गुटनेता चुना था। इसके बाद विधायक विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हुई। इसी संघर्ष के चलते वडेट्टीवार  समर्थक 6 नगरसेवकों ने बगावत करते हुए राजेश अडूर को गुटनेता पद से हटा दिया और धानोरकर समर्थक सुरेंद्र अडबाले को नया गुटनेता चुना। इस बगावत के बाद धानोरकर गुट ने अपना वर्चस्व कायम किया था। अब इसी वर्चस्व को चुनौती देने के लिए वडेट्टीवार गुट ने जोरदार राजनीतिक रणनीति शुरू कर दी है।

5-6 नगरसेवक ‘नॉट रिचेबल’

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, धानोरकर गुट के साथ रहने वाले 16 नगरसेवकों में से 5 से 6 नगरसेवक वडेट्टीवार गुट के साथ होने की जानकारी सामने आ रही है । इनमें से 3 से 4 नगरसेवकों के मोबाइल फोन अचानक ‘नॉट रिचेबल’ होने से धानोरकर गुट में बेचैनी बढ़ गई है। आगामी आमसभा की पृष्ठभूमि में यह घटनाक्रम कांग्रेस के भीतर बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रही है।

कोर्ट के फैसले से पहले ‘प्लान बी’ तैयार

विभागीय आयुक्त द्वारा सुरेंद्र अडबाले के पक्ष में दिए गए फैसले को वडेट्टीवार गुट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है। हालांकि, यदि सुप्रीम कोर्ट से स्थगन नहीं मिलता या फैसला लंबित रहता है, तो साधारण बहुमत के आधार पर गुटनेता पद दोबारा हासिल करने के लिए वडेट्टीवार गुट ने अपना ‘प्लान बी’ तैयार रखा है। इसी रणनीति के तहत नगरसेवकों को अपने पाले में लाने की कवायद शुरू होने की चर्चा है।

आमसभा से पहले सियासी उठापटक

15 से 20 सितंबर के बीच महानगरपालिका की आमसभा होने की संभावना है। इससे पहले ही मनपा के सत्ता समीकरण अपने पक्ष में करने के लिए दोनों गुटों में जोरदार रस्साकशी शुरू हो गई है। नगरसेवकों को अपने पाले में करना, उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाना और बहुमत का आंकड़ा अपने पक्ष में करने की कोशिशों से चंद्रपुर कांग्रेस का अंतर्कलह अब चरम पर पहुंच गया है। आने वाले दिनों में मनपा की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।