नागपुर: नागपुर शहर में आगामी त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नागपुर पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023' की धारा 163 के तहत डॉल्बी साउंड सिस्टम, प्लाज्मा साउंड सिस्टम, प्रेशरमिड साउंड सिस्टम और इसके लिए वाहनों में किए जाने वाले अवैध बदलावों (Modification) पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। यह पाबंदी 3 सितंबर 2026 की रात 12:00 बजे से 1 नवंबर 2026 की रात 11:59 बजे तक पूरे शहर में प्रभावी रहेगी।
ज्ञात हो कि, राज्य में लगातार तेज आवाज में बजने वाले साउंड सिस्टम सहित डीजे पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग की जा रही है। बीते दिनों पुणे पुलिस ने तेज आवाज में बजने वाले डीजे पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। वहीं इसके बाद भाजपा नेता और पूर्व विधायक संदीप जोशी ने भी प्रतिबन्ध लगाने की मांग की थी। इसको लेकर उन्होंने जनांदोलन भी शुरू किया है।
क्यों लगाया गया है प्रतिबंध?
पुलिस आयुक्तालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, शहर में गोकुलाष्टमी, दहीहंडी, पोला, तान्हा पोला, हजरत ताजुद्दीन बाबा छब्बीसवीं, गणेशोत्सव, दुर्गा पूजा (मूर्तियों के आगमन व विसर्जन जुलूस) और धम्मचक्र प्रवर्तन दिन जैसे प्रमुख धार्मिक व सामाजिक पर्व मनाए जाने हैं। इन आयोजनों और विसर्जन रैलियों के दौरान विभिन्न मंडलों और डीजे संचालकों द्वारा डॉल्बी साउंड (टॉप, मिड, बेस मल्टीस्पीकर), प्लाज्मा और प्रेशरमिड सिस्टम की कई परतें चढ़ाकर वाहनों पर भारी-भरकम 'साउंड वॉल' (दीवार) खड़ी करने की पूरी संभावना बनी रहती है।
अधिसूचना में रेखांकित किया गया है कि कानफोड़ू और मल्टीलेयर साउंड सिस्टम लगाने को लेकर अक्सर उत्सव मंडलों के कार्यकर्ताओं, राजनीतिक संगठनों और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद व तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके अलावा, ऐसे सिस्टम 'पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986' और 'ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000' में निर्धारित डेसिबल सीमाओं का खुला उल्लंघन करते हैं, जिसकी आम नागरिकों और मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। साथ ही, स्पीकर लादने के लिए वाहनों में गैरकानूनी बदलाव (Modification) किए जाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का गंभीर खतरा भी बना रहता है।
4 सितंबर से 1 नवंबर तक रहेगा प्रतिबंध
पुलिस ने 4 सितंबर से 1 नवंबर के दौरान किसी भी तरीके के डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस आयुक्त नागरे पाटिल ने सभी साउंड सिस्टम संचालकों, वाहन मालिकों और दहीहंडी, पोला, गणेशोत्सव, दुर्गा पूजा व धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपनी सभी डॉल्बी, प्लाज्मा व प्रेशरमिड प्रणालियों तथा इसके लिए मॉडिफाई किए गए वाहनों को अपने कब्जे में 'सीलबंद' (सीलपैक) रखें और इस पूरी अवधि के दौरान उनका किसी भी हाल में संचालन न करें।
नियमों का पालन करने वालों को छूट
पुलिस प्रशासन ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि पर्यावरण नियमों के तहत निर्धारित वैध ध्वनि सीमा के भीतर बजने वाले सामान्य साउंड सिस्टम पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। आदेश की प्रतियां शहर के सभी प्रमुख स्थलों, थानों और सार्वजनिक माध्यमों पर प्रसारित की जा रही हैं, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा सके।लगाया ने
admin
News Admin