logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Chandrapur

उद्घाटन से पहले ही चंद्रपुर सरकारी मेडिकल कॉलेज को महिने का 32 लाख का बिजली बिल!


चंद्रपुर: कन्नमवार शासकीय मेडिकल कॉलेज की नई इमारत का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को पूरी तरह से नई इमारत में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इसके बावजूद लंबे समय से लगभग बंद पड़ी इस नई इमारत का बिजली बिल करीब 32 लाख रुपये आने से हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर महावितरण ने बिजली आपूर्ति बंद करने की चेतावनी भी दी है। इस चेतावनी के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।

इस्तेमाल नहीं, फिर इतना बिजली बिल कैसे?

मेडिकल कॉलेज की नई इमारत अभी तक पूरी तरह से शुरू नहीं हुई है और अस्पताल व कॉलेज का नियमित कामकाज भी वहां शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में हर महीने 30 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल आखिर कैसे आ रहा है, यह बड़ा सवाल बन गया है। रात के समय सुरक्षा के लिए कुछ पंखे या लाइटें चालू रखी जाती हों, तब भी अधिकतम 4 से 5 लाख रुपये तक का बिल आने की संभावना बताई जा रही है। लेकिन हर महीने 30 लाख रुपये से अधिक का बिल आने से पूरे मामले में बड़े गड़बड़झाले की आशंका जताई जा रही है।

अब सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में बिजली का इस्तेमाल आखिर कौन, कहां और किस काम के लिए कर रहा है? मामले की गहन जांच कराने की मांग जोर पकड़ रही है।

मरीजों की सेवा के फंड पर असर?

इस बकाया बिजली बिल के भुगतान के लिए शासन से विशेष निधि मंजूर कराने में कम से कम दो महीने का समय लगने की संभावना है। लेकिन महावितरण की तत्काल कार्रवाई की चेतावनी के चलते मेडिकल कॉलेज प्रशासन के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे में आखिरकार अस्पताल के जनरल मेंटेनेंस (सामान्य रखरखाव) फंड से 32 लाख रुपये का बिजली बिल भरने की नौबत आ सकती है। चिंता की बात यह है कि मरीजों की सुविधाओं और अस्पताल की मूलभूत व्यवस्थाओं के लिए इस्तेमाल होने वाला फंड बिजली बिल चुकाने में खर्च करना पड़ सकता है। इससे आने वाले समय में मरीजों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस पूरे मामले की जांच कर वास्तविक बिजली खपत और भारी-भरकम बिल के कारणों का खुलासा करने की मांग की जा रही है।