logo_banner
Breaking
  • ⁕ चंद्रपूर कैंसर अस्पताल पर साइबर हमला; डेटा लॉक कर करोड़ों की फिरौती की मांग ⁕
  • ⁕ DRI नागपुर की बड़ी कार्रवाई, 2 करोड़ रुपये का 522 किलो से अधिक गांजा जब्त किए; दो लोग गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Gondia: कलपाथरी में बाघ के हमले में युवक की मौत, बकरियों के लिए चारा लेने जंगल गया था मृतक ⁕
  • ⁕ Amravati: पेपर लीक मामले को लेकर अमरावती में NSUI का मशाल मार्च; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग ⁕
  • ⁕ MLC Election: नामांकन वापस लेना शैलेश अग्रवाल और साहेबराव कांबले को पड़ा भारी, कांग्रेस ने दोनों नेताओं को पार्टी से किया निष्काषित ⁕
  • ⁕ विदर्भ में मौसम का यू-टर्न: अमरावती, वर्धा और चंद्रपुर समेत कई जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'; 40km की रफ्तार से आंधी और भारी बारिश की चेतावनी ⁕
  • ⁕ PF ब्याज पर बड़ा अपडेट: 'घोषणा' से 'जेब' तक का सफर; जानें जून-जुलाई में आपके खाते में क्या होने वाला है! ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Amravati

अमरावती अस्पताल में आग मामला- एक नवज़ात बच्ची की मौत परिजनों पर आरोप लापरवाही ने ली जान


अमरावती -अमरावती के जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू विभाग के वेंटिलेटर में शार्ट सर्किट से लगी आग के बाद नवजात शिशुओं को आनन फानन में दूसरे जगह शिफ्ट किया गया। इस दौरान ही एक नवजात की मौत हो गई। इस मामले में आरोप है बच्चे को  ऑक्सीजन और वेंटिलेटर ठीक से उपलब्ध नहीं कराया गया था, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इस बात से इंकार किया है.इस 11 दिवसीय शिशु की मौत के मामले में जिला शल्य चिकित्सक डॉ दिलीप सौंदले ने बताया की जिस बच्ची की मृत्यु हुई है उसकी हालत पहले से ही कमजोर थी.उसका वजन कम था और वो वेंटिलेटर पर थी.

 
अमरावती जिला महिला अस्पताल (डफरिन) के एसएनसीयू विभाग में  रविवार को  शॉर्ट सर्किट के कारण वेंटिलेटर में आग लगी थी।  जिससे  एसएनसीयू विभाग में भर्ती नवजात शिशुओं को तुरंत दूसरी जगह स्थानांतरित  किया। जब ये हादसा हुआ तब एसएनसीयू  में 12  नवजात शिशुओ  का इलाज चल रहा था जिनमें से दो पहले से ही वेंटिलेटर पर थे और उनकी हालत गंभीर थी, जबकि आग की वजह से धुंआ होने पर बच्चों की हालत और भी नाजुक हो गई थी। इस दौरान आनन फानन में बच्चों को वहां से बाहर निकालकर दूसरे जगह शिफ्ट किया गया। जो दो बच्चे पहले से ही वेंटिलेटर पर थे उन्हें अमरावती के सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल में एसएनसीयू में ले जाया गया।  लेकिन इस दौरान एक नवजात शिशु की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिस नवजात शिशु की मौत हुई उसका जन्म समय से पहले हुआ था और उसका वजन भी कम था. लेकिन परिजनों का आरोप है कि आग लगने की घटना के बाद बच्ची को दूसरी जगह शिफ्ट करने के दौरान ऑक्सीजन और वेंटिलेटर ठीक से उपलब्ध नहीं कराया गया था.लेकिन इस मामले में जिला सर्जन डॉ दिलीप सौंदले ने कहा कि आग का बच्ची की मौत से कोई लेना-देना नहीं है। फ़िलहाल इस मामले में जांच चल रही है। वही राज्य की पूर्व महिला एवं बाल कल्याण मंत्री यशोमति ठाकुर ने भी इस मामले की जाँच की मांग की है.