Nanded: रेत माफिया पर पुलिस का महाप्रहार: 13 करोड़ 12 लाख 1 हजार रुपए का माल ज़ब्त, डायनामाइट से उड़ाईं नावें
नांदेड: गोदावरी नदी के पवित्र जल में अपनी सनक और लालच का ज़हर घोलने वाले अवैध रेत माफियाओं के पूरे साम्राज्य को नांदेड पुलिस और प्रशासन ने एक ही झटके में तहस-नहस कर दिया है। जिले के इतिहास की सबसे बड़ी, आक्रामक और सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस प्रशासन ने गोदावरी के सीने पर अवैध उत्खनन कर रहे रेत माफियाओं की कमर तोड़ कर रख दी है। जिलाधिकारी राहुल कर्डिले और पुलिस अधीक्षक डॉक्टर नीलाभ रोहन के कड़े व स्पष्ट निर्देशों पर पूरे जिले में एक साथ यह महा-ऑपरेशन चलाया गया।
30 अधिकारी, 200 से अधिक जवान... और नदी के सीने पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'
रविवार को अलसुबह जब पूरा शहर सो रहा था, तब पुलिस और प्रशासन की एक बड़ी फौज गोदावरी नदी के तटों पर धावा बोलने के लिए पूरी तरह तैयार थी। अपर पुलिस अधीक्षक, 6 उप-पुलिस अधीक्षक, 30 वरिष्ठ अधिकारी, 121 पुलिस जवान, 70 होमगार्ड और आरसीबी की 2 प्लाटूनों ने एक साथ मुदखेड़, उस्माननगर, नांदेड ग्रामीण, नायगांव, लिंबगाव और धर्माबाद के नदी घाटों और परिवहन मार्गों पर अचानक छापेमारी कर दी। नदी के विशाल जलपात्र में एक साथ हुए इस औचक हमले से रेत माफियाओं में भगदड़ मच गई। कोई भागने का रास्ता तलाश नहीं कर पाया और पूरी मशीनरी पुलिस के घेरे में आ गई।
जिलेटिन के धमाकों से गूंज उठी गोदावरी... मौके पर ही स्वाहा हुईं नावें
इस पूरे अभियान का सबसे सनसनीखेज दृश्य लिंबगांव और आसपास के गोदावरी तटों पर देखने को मिला। माफियाओं ने नदी के गहरे पानी में रेत निकालने के लिए कई टन वजनी लोहे की विशालकाय नावें और भारी-भरकम इंजन तैनात कर रखे थे। ये नावें इतनी विशाल थीं कि उन्हें नदी से बाहर खींच पाना किसी भी साधन से असंभव था। लेकिन कानून के हाथ माफियाओं की सोच से भी आगे निकले। प्रशासन ने मौके पर ही राजस्व दल और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में जिलेटिन की छड़ों (Dynamite/Gelatin Stick) से विस्फोट करवाकर उन विशालकाय नावों को नदी के बीचों-बीच उड़ा दिया। धमाकों की गूंज से पूरा इलाका थर्रा उठा और माफियाओं का करोड़ों का सामान वहीं जलकर खाक हो गया। बाकी लकड़ी के तराफों को डीजल डालकर मौके पर ही फूंक दिया गया।
13 करोड़ 12 लाख 1 हजार रुपए का भारी-भरकम माल ज़ब्त
पुलिस द्वारा चलाए गए इस 'कोंबिंग ऑपरेशन' में जो सामग्री ज़ब्त और नष्ट की गई है, उसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
- 27 विशालकाय बड़ी नावें (कीमत 8 करोड़ रुपए से अधिक)
- 13 छोटी नावें और 5 शक्तिशाली इंजन
- 108 तराफे (रेत ढोने के विशेष ढांचे)
- 4 हायवा ट्रक, 1 टाटा 407 टेम्पो, 1 स्वराज ट्रैक्टर और 1 पोकलेन मशीन
- 555 ब्रास अवैध रेत
कुल मिलाकर 13 करोड़ 12 लाख 1 हजार रुपए की संपत्ति ज़ब्त की गई है। माफियाओं, वाहन चालकों और मालिकों पर 'बीएनएस' का शिकंजा। मुदखेड़ में पांच करोड़ ग्यारह लाख रुपए, उस्माननगर में तीन करोड़ 98 लाख 75 हजार रुपए, नांदेड ग्रामीण में दो करोड़ 77 लाख 5 हजार रुपए तथा नायगांव, लिंबगाव व धर्माबाद में लाखों रुपए के माल की ज़ब्ती के साथ ही दर्जनों आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। संदीप गजभारे, संदीप कदम, अर्जुन क्षीरसागर, करण क्षीरसागर जैसे प्रमुख आरोपियों और वाहन मालिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता की कठोर धाराओं के तहत आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर नीलाभ रोहन की सख्त चेतावनी: "माफियाओं का नामो-निशान मिटा देंगे"
कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक डॉक्टर नीलाभ रोहन ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "गोदावरी नदी के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ने वाले और शासन के करोड़ों रुपए के राजस्व पर डाका डालने वाले किसी भी रेत माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। यह तो बस शुरुआत है, जिले से अवैध धंधों का समूल नाश होने तक ऐसे विशेष ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे।" नांदेड पुलिस के इस रौद्र रूप और कड़े एक्शन ने जिले के पूरे आपराधिक सिंडिकेट को हिलाकर रख दिया है।
जनता की उम्मीद: रेत के बाद क्या अब नशीले कारोबार, मटका और गुटखा माफियाओं पर गिरेगी गाज?
रेत माफियाओं के खिलाफ इस ऐतिहासिक और ताबड़तोड़ कार्रवाई ने जहाँ एक ओर आम नागरिकों में कानून के प्रति विश्वास और उत्साह जगाया है, वहीं दूसरी ओर अब शहर और जिले की आम जनता की निगाहें पुलिस और जिला प्रशासन के अगले कदमों पर टिक गई हैं। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और पीड़ितों का कहना है कि जिस मुस्तैदी से गोदावरी के सीने से रेत माफियाओं को खदेड़ा गया है, वैसी ही अटूट इच्छाशक्ति दिखाते हुए अब शहर की रगों में ज़हर घोल रहे नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, जुए-मटके के अड्डों और युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहे गुटखा माफियाओं के खिलाफ भी निर्णायक और कड़ा अभियान छेड़ा जाना चाहिए। जनता अब यही उम्मीद लगाए बैठी है कि प्रशासन इन असामाजिक तत्वों और सिंडिकेट्स पर भी इसी प्रकार का वज्रपात कर नांदेड को पूरी तरह अपराधमुक्त बनाएगा।नांदेड में रेत माफिया पर पुलिस का महाप्रहार: 13 करोड़ 12 लाख 1 हजार रुपए का माल ज़ब्त, डायनामाइट से उड़ाईं नावें।
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