अकोला फिर शर्मसार: नरसापुर जैसी दरिंदगी की चान्नी गांव में पुनरावृत्ति; 55 वर्षीय 'हैवान' ने 10 साल की मासूम को बनाया हवस का शिकार
अकोला: जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और बुजुर्गियत का सम्मान तार-तार हो जाए, तो समाज को सोचने की ज़रूरत है। महाराष्ट्र के अकोला जिले से एक ऐसी ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने नरसापुर कांड की काली यादों को फिर से ताज़ा कर दिया है। यहाँ एक 55 साल के बुजुर्ग ने पड़ोसी होने के नाते भरोसे का कत्ल करते हुए 10 साल की मासूम के साथ शर्मनाक करतूत को अंजाम दिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है। आखिर मासूमों की सुरक्षा पर उठते इन सवालों का जवाब कब मिलेगा?
अकोला जिले के पातुर तहसील अंतर्गत आने वाले चान्नी गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना उजागर हुई है। यहाँ एक 55 वर्षीय आरोपी ने पड़ोस में रहने वाली 10 साल की मासूम बच्ची के साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भरोसे का कत्ल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची के माता-पिता खेतिहर मजदूर हैं और वे रोज़ाना काम के सिलसिले में घर से बाहर रहते थे। इसी का फायदा उठाते हुए पड़ोसी बुजुर्ग ने मासूम को चॉकलेट का लालच दिया और सलग तीन से चार दिनों तक उसके साथ दरिंदगी की। आरोपी ने बच्ची को डरा-धमका कर चुप रहने को कहा था, जिसके कारण मासूम दहशत में थी।
ऐसे हुआ खुलासा
लगातार हो रहे शोषण से परेशान होकर अंततः मासूम ने हिम्मत जुटाई और आपबीती अपने माता-पिता को सुनाई। बच्ची की बात सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आक्रोशित माता-पिता ने तुरंत चान्नी पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस घटना के बाद से चान्नी गांव सहित पूरे अकोला जिले में भारी तनाव और गुस्से का माहौल है। स्थानीय नागरिक आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर लगाम लग सके।
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