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Amravati

Amravati: मेडिकल बिल पास करने सीनियर क्लर्क ने मांगी रिश्वत, पुलिस ने किया गिरफ्तार


अमरावती: भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की टीम ने बुधवार को शिक्षा उप निदेशक के कार्यालय में एक रिश्वतखोर वरिष्ठ क्लर्क को गिरफ्तार किया। गिरफ़्तारी कर्मचारी ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल को मंजूरी देने के लिए 13,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। गिरफ्तार रिश्वतखोर सीनियर क्लर्क की पहचान रूपेश प्रताप सिंह ठाकुर (33) के रूप में हुई है। 

वाशिम जिले के कारंजा निवासी शिकायतकर्ता मनोली के एक जूनियर कॉलेज में जूनियर क्लर्क के रूप में कार्यरत है। उनके बीमार पिता का इलाज मुंबई के एक अस्पताल में हुआ था। शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय में कार्यरत वरीय लिपिक रूपेश ठाकुर ने उनसे रुपये रिश्वत की मांग की। उन्होंने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण विभाग से की।

शिकायत के अनुरूप किये गये सत्यापन में पता चला कि रूपेश ठाकुर ने समझौते के बाद 13 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की और इसे स्वीकार करने की तैयारी भी दिखायी। इसी के तहत भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की एक टीम ने बुधवार को शिक्षा उप निदेशक के माध्यमिक विभाग के कमरा नंबर 4 में जाल बिछाया और रूपेश ठाकुर को शिकायतकर्ता से 13,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था।