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विवाह का लालच देकर नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा


बुलढाना. एक नाबालिग लड़की को विवाह का लालच देकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में जिला व सत्र न्यायालय के न्यायाधीश आर.एन. मेहेर ने आरोपी प्रदीप तारगे को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और 3 हजार रू. जुर्माना लेने के आदेश दिए. बुलढाना ग्रामीण पुलिस थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की को विवाह का लालच देकर भगाया गया, यह आरोप पीडिता के पिता ने 3 अप्रैल 2018 को थाने में दर्ज शिकायत में की थी. 

इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो माह के बाद आरोपी को पुणे से नाबालिग लड़की के साथ गिरफ्तार किया था. इस मामले में कइयों के बयान के साथ नाबालिग लड़की का बयान लिया गया. जिसमें आरोपी ने उसके साथ दो बार दुष्कर्म करने की जानकारी पीड़िता ने दी थी. जिसके बाद पीड़िता की मेडिकल जांच की गई.  जबकि, नाबालिग के रिश्तेदारों के बयान को भी महत्‍वपूर्ण समझा गया. पुलिस ने इन सभी बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में दोष पत्र दाखिल किया. 

प्रकरण की सुनवाई में पीडिता के रिश्तेदारों ने अपनी गवाही बदल दी. किंतु नाबालिग के मेडिकल प्रमाणपत्र के आधार पर आरोपी के विरोध में आरोप सिद्ध हुआ. पुलिस ने इस मामले से जुड़े गवाहों की उल्टी जांच की, जिसमें उन्होंने अपने उपर दबाव होने की जानकारी दी. इस मामले में मेडिकल रिपोर्ट और सभी साक्ष्यों को ध्यान में दखते हुए जिला व सत्र न्यायाधीश आर.एन.मेहेर ने आरोपी प्रदीप तारगे को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और 3,000 रू. का जुर्माना अदा करने के आदेश दिए.