Chandrapur: घुग्घुस के धानोरा फाटा पर भीषण हादसा, सर्वदलीय रास्ता रोको आंदोलन के बाद मुआवजा मंजूर
चंद्रपुर: जिले के घुग्घुस शहर से सटे धानोरा फाटा पर हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। तेज़ रफ्तार ARS कंपनी के टैंकर चालक ने कार को टक्कर मारते हुए फरार होने की कोशिश की, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक सलून दुकान और उससे सटे होटल में जा घुसा। इस दर्दनाक हादसे में सलून चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि होटल में मौजूद एक युवक कर्मचारी और कार में सवार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस दर्दनाक हादसे में सलून चालक शंकर जुनारकर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि होटल में मौजूद एक युवक कर्मचारी और कार में सवार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के 20 घंटे बीत जाने के बावजूद ARS टैंकर कंपनी और उसके अधिकारियों ने मृतक के परिजनों व घायलों को मुआवज़ा देने को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की। पुलिस स्टेशन में हुई चर्चाएं भी बेनतीजा रहने से नागरिकों में भारी रोष फैल गया।
मुआवजे में देरी और कंपनी की उदासीनता के विरोध में कांग्रेस, भाजपा और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, नगरसेवकों, सामाजिक संगठनों और नगर परिषद कर्मचारियों ने धानोरा फाटा पर चार घंटे तक रास्ता रोको आंदोलन किया। आंदोलन के कारण आवागमन पूरी तरह ठप रहा। आंदोलन में प्रमुख रूप से कांग्रेस अध्यक्ष राजू रेड्डी, तहसील अध्यक्ष अनिल नारूले, रोशन पचारे, सैय्यद अनवर, नगरसेवक नुरूल सिद्दीकी, गजानन मासिरकर तथा पांढरकवड़ा के कांग्रेस नेता हितेश लोढे सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। लगातार आंदोलन और दबाव के बाद प्रशासन व कंपनी प्रबंधन के बीच सहमति बनी।
इसके तहत मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपये मुआवज़ा देने पर मंजूरी दी गई। इसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी टैंकर चालक और कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हो।
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