logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Chandrapur

Chandrapur: पूर्व पार्षद अजय सरकार तीन महीने के लिए जिले से तड़ीपार


चंद्रपुर: विभिन्न गंभीर आपराधिक मामलों में नाम आने के कारण बंगाली कैंप क्षेत्र के पूर्व पार्षद एवं भाजपा कार्यकर्ता अजय विमल सरकार को चंद्रपुर के उपविभागीय दंडाधिकारी विशालकुमार मेश्राम ने 14 जुलाई को तीन महीने के लिए चंद्रपुर जिले से तड़ीपार करने का आदेश जारी किया है। अजय सरकार को विधायक सुधीर मुनगंटीवार का करीबी समर्थक माना जाता है। वहीं, विधायक किशोर जोरगेवार समर्थक भाजपा के एक गुट ने उनकी तड़ीपारी की मांग की थी।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2007 से अब तक अजय सरकार के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अश्लील गाली-गलौज और गंभीर मारपीट सहित कुल 17 गंभीर मामले रामनगर पुलिस थाने में दर्ज हैं। इनमें से 8 मामलों में उन्हें बरी किया जा चुका है, जबकि 9 मामले अभी न्यायालय में लंबित हैं।

दो साल के प्रस्ताव पर तीन महीने की तड़ीपारी

अजय सरकार के खिलाफ जून माह में ही तड़ीपारी का प्रस्ताव तैयार किया गया था, हालांकि वह किसी कारणवश निरस्त हो गया था। बाद में पुलिस ने प्रशासन को दो वर्ष के लिए तड़ीपार करने का प्रस्ताव भेजा। सुनवाई के दौरान अजय सरकार ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले राजनीतिक द्वेष के कारण दर्ज किए गए हैं तथा परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन पर है, इसलिए तड़ीपारी की अवधि कम की जाए।

उनकी दलीलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उपविभागीय दंडाधिकारी ने उन्हें तीन महीने के लिए चंद्रपुर जिले से तड़ीपार करने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार, तड़ीपारी की अवधि के दौरान उन्हें जहां भी निवास करना होगा, वहां के निकटतम पुलिस थाने में नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।