TCS नासिक केस में बड़ा खुलासा: चार्जशीट में जाकिर नाइक का नाम, 'इस्लाम ऐप' और ऑफिस की पैंट्री में अश्लील हरकत
नासिक: महाराष्ट्र (Maharashtra) के नासिक (Nashik) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) की एक महिला कर्मचारी के यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के बहुचर्चित मामले में बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान और अन्य के खिलाफ विशेष जांच दल (SIT) द्वारा अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट से कई सनसनीखेज बातें उजागर हुई हैं। पुलिस की इस चार्जशीट में साल 2022 से 2026 के बीच पीड़ित हिंदू युवती पर हुए अत्याचार, मानसिक उत्पीड़न और सोची-समझी साजिश का पूरा घटनाक्रम दर्ज है।
जाकिर नाइक और पाकिस्तानी मौलवियों के वीडियो से 'ब्रेनवॉश'
पुलिस की आधिकारिक चार्जशीट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा विवादित प्रचारक जाकिर नाइक को लेकर हुआ है। जांच में सामने आया है कि पीड़ित हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराने के लिए आरोपी उसे सोशल मीडिया पर जाकिर नाइक और पाकिस्तानी मौलवी तारिक जमील के वीडियो लगातार दिखाते थे। इन्हीं वीडियो और भाषणों का सहारा लेकर युवती का सिलसिलेवार तरीके से 'ब्रेनवॉश' किया जा रहा था और उसे अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा था। आरोपियों ने इसके लिए पीड़िता के मोबाइल में जबरन 'इस्लाम ऐप' भी डाउनलोड करवाया था।
MIM नेता मतीन पटेल पर गंभीर आरोप
पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट के अनुसार, मुख्य आरोपी दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान ने एक सोची-समझी साजिश के तहत पीड़िता की मजबूरी का फायदा उठाया और उसका बड़े पैमाने पर शारीरिक व मानसिक शोषण किया। इस मामले में एआईएमआईएम (AIMIM) के पूर्व कॉर्पोरेटर मतीन पटेल पर भी पुलिस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। चार्जशीट से साफ हुआ है कि मतीन पटेल ने मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस की गिरफ्तारी से बचाने के लिए छिपने का ठिकाना (आश्रय) मुहैया कराया था।
शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में आरोपियों ने पीड़िता को टीसीएस (TCS) कंपनी में नौकरी दिलवाई थी, जिसके बाद से ही यह घिनौना खेल शुरू हो गया। आरोपियों ने हिंदू देवी-देवताओं पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां कर पीड़िता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। इसी दौरान मुख्य आरोपी दानिश शेख (जो पहले से शादीशुदा था) ने अपनी शादी की बात छिपाई और पीड़िता को शादी का झूठा झांसा देकर उसकी इच्छा के विरुद्ध बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, पीड़िता को उसकी जाति को लेकर भी अपमानजनक शब्द कहे गए और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
बुर्का-हिजाब पहनने और रोजा रखने की जबरदस्ती
युवती का जबरन धर्मांतरण कराने के लिए आरोपियों ने उसका नाम बदलकर 'हानिया' रख दिया था। पीड़िता की मर्जी के बिना उसे बुर्का और हिजाब पहनने के साथ-साथ रोजा रखने के लिए भी मजबूर किया जाता था। चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता को डराया कि अगर उसने नमाज़ नहीं पढ़ी, तो उसके माता-पिता और परिवार के लोग नरक में जाएंगे। इस तरह की बातें कहकर उसका मानसिक मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया गया था।
ऑफिस की पैंट्री में अश्लील हरकत और पैसों की उगाही
मुख्य आरोपी दानिश शेख ने न केवल पीड़िता का शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसके बैंक खाते की जानकारी और यूपीआई पिन (UPI PIN) हासिल कर उससे कीमती सामान और मोटी रकम भी वसूली। इसके अलावा, मामले के दूसरे सह-आरोपी तौसीफ अत्तार ने ऑफिस की पैंट्री (Pantry) के अंदर पीड़िता के साथ अश्लील हरकत करते हुए उसका विनयभंग (Molestation) किया, जिसका जिक्र भी चार्जशीट में है।
आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग
नासिक पुलिस की एसआईटी (SIT) ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर अदालत में 106 गवाहों के बयानों के साथ मजबूत सबूत पेश किए हैं। कॉर्पोरेट जगत के भीतर चल रहे इस खौफनाक और गंभीर मामले के सामने आने के बाद से नासिक सहित पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा हुआ है। अब पीड़ित युवती को जल्द से जल्द न्याय दिलाने और सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग हर स्तर पर तेज हो गई है।
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