नागपुर प्रशासन का कड़ा रुख: जनगणना कार्य में लापरवाही पर 10 शिक्षकों के खिलाफ FIR के आदेश
नागपुर: नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने शासकीय कार्यों में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। जनगणना 2026-27 के अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरतने और वरिष्ठों के आदेशों की अनदेखी करने के आरोप में सतरंजीपुरा जोन क्रमांक 07 के सहायक आयुक्त ने 10 शिक्षकों एवं शैक्षणिक स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का सख्त निर्देश जारी किया है।
इन पर गिरेगी गाज
प्रशासन द्वारा जारी की गई सूची में केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जिम्मेदार पदों पर आसीन लोग शामिल हैं। इनमें शामिल हैं:
- प्राचार्य (Principals)
- शिक्षक (Teachers)
- अकाउंटेंट (Accountants)
- प्रशासनिक स्टाफ (Administrative Staff)
इन सभी 10 लोगों के खिलाफ यशोधरानगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
क्यों हो रही है यह कार्रवाई?
देश की भावी योजनाओं के लिए जनगणना 2026-27 एक आधारभूत स्तंभ है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह कार्य अनिवार्य और समयबद्ध है। संबंधित कर्मचारियों को इस कार्य के लिए विधिवत नियुक्त किया गया था। बार-बार निर्देश देने के बावजूद इन कर्मचारियों ने ड्यूटी जॉइन नहीं की या कार्य में लापरवाही बरती। इसे 'शासकीय आदेशों का उल्लंघन' मानते हुए प्रशासन ने अब कानूनी रास्ता अपनाया है।
कानूनी शिकंजा: धारा 187 के तहत होगी कार्रवाई
महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों के मुताबिक, लोक सेवक द्वारा दिए गए आदेश का पालन न करने पर भारतीय दंड संहिता (IPC/BNS) की धारा 187 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन का कड़ा संदेश
इस कार्रवाई के जरिए नागपुर महानगरपालिका ने जिले के सभी सरकारी कर्मचारियों को स्पष्ट संकेत दे दिया है कि यदि शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई, तो विभाग केवल नोटिस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीधे पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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