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Chandrapur

कर्जदार किसान की 'किडनी बिक्री' मामले में नया मोड़! फरार चल रहे डॉ. रवींद्र पाल सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर, दूसरा मुख्य आरोपी अब भी फरार


चंद्रपुर: महाराष्ट्र (Maharashtra) में चर्चित रोशन कुळे किडनी बिक्री मामले (Roshan Kude Kidney Case) में मंगलवार 24 जून को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। इस मामले में स्थानीय अपराध शाखा (LCB) के रडार पर चल रहे मुख्य आरोपियों में से एक दिल्ली के डॉक्टर रवींद्र पाल सिंह (Dr. Ravindra Pal Singh) ने आखिरकार अपने वकील के साथ ब्रह्मपुरी न्यायालय (Brahmapuri Court) में पहुंचकर आत्मसमर्पण (Surender) कर दिया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत (Judical Custody) में भेजने का आदेश दिया है।

ज्ञात हो कि, दिसंबर 2025 में ब्रह्मपुरी तहसील के किसान रोशन कुळे ने कर्ज के बोझ से परेशान होकर साहूकारों का कर्ज चुकाने के लिए अपनी किडनी बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस घटना से पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मच गया था। आर्थिक परेशानी में फंसे किसान को अवैध तरीके से अंग बिक्री के लिए मजबूर करने का आरोप इस मामले में लगाया गया था।इस गंभीर मामले की जांच स्थानीय अपराध शाखा ने तेजी से करते हुए ब्रह्मपुरी क्षेत्र के छह अवैध साहूकारों को गिरफ्तार किया था। जांच में इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए। पुलिस ने चंडीगढ़ से हिमांशु भारद्वाज और कोल्हापुर से रामकृष्ण सुंचू को भी गिरफ्तार किया था।

सशर्त हाजिरी के बाद मिले अहम सबूत
जांच के दौरान अंग प्रत्यारोपण से जुड़े दिल्ली के डॉक्टर रवींद्र पाल सिंह और डॉक्टर राजरत्न गोविंद स्वामी के नाम सामने आए थे। न्यायालय ने 11 से 16 फरवरी 2026 के बीच दोनों को स्थानीय अपराध शाखा के सामने सुबह-शाम हाजिरी लगाने के आदेश दिए थे। पूछताछ के दौरान पुलिस को दोनों डॉक्टरों के खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत मिलने का दावा किया गया। इसकी जानकारी एलसीबी ने न्यायालय को दी थी, जिसके बाद उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। तभी से दोनों पुलिस के रडार पर थे। आखिरकार पुलिस की कार्रवाई से बचना मुश्किल समझते हुए डॉक्टर रवींद्र पाल सिंह ने मंगलवार को अपने वकील के साथ ब्रह्मपुरी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

मुख्य आरोपी डॉ. गोविंद स्वामी अभी भी फरार
इस मामले में एक अन्य मुख्य आरोपी डॉक्टर राजरत्नम गोविंद स्वामी (थिलाईनगर, त्रिची, तमिलनाडु) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि रवींद्र पाल सिंह ने किये आत्मसमर्पण के बाद अब उसकी तलाश और जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।