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Chandrapur

चंद्रपुर के कैंसर अस्पताल से फिरौती की मांग; "1.23456 बिटकॉइन दो, वरना डेटा गया"


- पवन झबाडे

चंद्रपुर: चंद्रपुर जिले में साइबर अपराधियों ने अब तक की सबसे सनसनीखेज वारदात को अंजाम देते हुए चंद्रपुर के प्रतिष्ठित चंद्रपुर कैंसर केयर फाउंडेशन (कैंसर अस्पताल) के मुख्य सर्वर पर रैनसमवेयर (Ransomware) हमला कर दिया है। साइबर अपराधियों ने अस्पताल के महत्वपूर्ण सर्वर को हैक कर मरीजों और अस्पताल प्रबंधन से जुड़ा पूरा डेटा लॉक कर दिया है। डेटा को दोबारा उपलब्ध कराने के बदले हैकर्स ने 1.23456 बिटकॉइन यानी लाखों रुपये की फिरौती मांगी है। इस घटना से चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है।मामले में रामनगर पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की टीम भी जांच में जुट गई है।

सोमवार सुबह हुआ साइबर हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 को सुबह करीब 7:30 बजे अस्पताल के आईटी विभाग को सर्वर में तकनीकी खराबी का आभास हुआ। जांच करने पर मुख्य सर्वर की स्क्रीन पर एक धमकी भरा रैनसमवेयर संदेश दिखाई दिया। इससे आईटी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अज्ञात हैकर्स ने सर्वर में अनधिकृत प्रवेश कर पूरी डिजिटल प्रणाली को अपने कब्जे में ले लिया था।

अस्पताल की प्रबंधन प्रणाली ठप

इस साइबर हमले के कारण अस्पताल की महत्वपूर्ण हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS) पूरी तरह ठप हो गई है। इसी सिस्टम के माध्यम से मरीजों का मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार संबंधी जानकारी और अस्पताल का दैनिक प्रशासनिक कार्य संचालित होता है। सर्वर हैक होने से अस्पताल के नियमित कामकाज और मरीजों के प्रबंधन पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

हैकर्स की धमकी: "पैसे दो, तभी मिलेगा डेटा"

हैकर्स द्वारा छोड़े गए संदेश में कहा गया है कि अस्पताल का पूरा डेटा सुरक्षित रूप से लॉक और कंप्रेस कर दिया गया है। यदि डेटा वापस चाहिए तो निर्धारित पते पर 1.23456 बिटकॉइन भेजना होगा। भुगतान प्राप्त होने के बाद ही डेटा अनलॉक करने की ‘की’ उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही दावा किया गया है कि भुगतान के बाद डेटा किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को नहीं दिया जाएगा।

साइबर सेल जांच में जुटी

अस्पताल प्रशासन के निदेशक डॉ. राकेश कपुरिया के मार्गदर्शन में आईटी विभाग ने तत्काल साइबर पुलिस से संपर्क किया। सतीश महेशकुमार थरवानी की शिकायत पर 4 जून को रामनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस निरीक्षक प्रभावती त्र्यंबक एकुरके के निर्देशन में साइबर सेल की टीम इस हाईटेक अपराध का पर्दाफाश करने के लिए डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमला किस स्थान से और किस नेटवर्क के माध्यम से किया गया।इस घटना ने चंद्रपुर सहित पूरे महाराष्ट्र के बड़े अस्पतालों की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।